नई दिल्ली, 9 अक्टूबर: कैंसर के इलाज में दवाओं की आसमान छूती कीमतों से जूझ रहे लाखों मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने non-scheduled cancer drugs पर Margin Cap लगा दिया है — अब इन दवाओं की आपूर्ति और बिक्री पर Maximum Retail Price (MRP) का 30 प्रतिशत से ज़्यादा margin नहीं जोड़ा जा सकेगा।
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस फैसले से दवाओं की कीमतों में 70 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है और मरीजों को हर साल करीब 2,500 करोड़ रुपये की बचत होगी। National Pharmaceutical Pricing Authority (NPPA) की पड़ताल में सामने आया था कि इन दवाओं पर औसतन 170 प्रतिशत तक का markup लगाया जाता है, और कुछ मामलों में यह 700 प्रतिशत से भी ज़्यादा था — रिटेल फार्मेसी, अस्पताल की फार्मेसी और ऑनलाइन चैनलों के दामों में भारी अंतर था।
किन दवाओं पर यह नियम लागू होगा, इसकी सूची स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के तहत बनी expert committee तय करेगी, जिसके बाद NPPA आधिकारिक notification जारी करेगा। 2019 में भी सरकार ने DPCO के तहत 42 चुनिंदा cancer drugs पर trade margin cap लगाया था, जिससे 526 brands की MRP में 91 प्रतिशत तक की कटौती हुई थी। दवाओं की उपलब्धता बनी रहे, इसके लिए कंपनियों को मौजूदा उत्पादन स्तर बनाए रखना अनिवार्य होगा।
स्रोत: केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय का आधिकारिक बयान (IANS)

