नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण पर काबू पाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर लॉन्च किया है। इस सेंटर के जरिए वायु गुणवत्ता से जुड़े आंकड़ों का रियल-टाइम विश्लेषण किया जाएगा और प्रदूषण के हॉटस्पॉट की पहचान हो सकेगी।
700 से ज्यादा कंस्ट्रक्शन साइट्स की निगरानी
नए सिस्टम के तहत 700 से अधिक निर्माण स्थलों की निगरानी एआई और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जाएगी। निर्माण कार्य से उड़ने वाली धूल प्रदूषण का बड़ा स्रोत मानी जाती है, इसलिए इन साइटों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
सर्दियों के स्मॉग से पहले तैयारी
सर्दियों में स्मॉग की समस्या बढ़ने से पहले दिल्ली सरकार अपने रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत करने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि रियल-टाइम डेटा और हॉटस्पॉट की सटीक पहचान से प्रदूषण रोकथाम की कार्रवाई तेज और लक्षित होगी। इस कमांड सेंटर के जरिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय भी बेहतर होगा, ताकि प्रदूषण बढ़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। राजधानी में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है।

