नई दिल्ली। अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही राजधानी दिल्ली की हवा बिगड़ने लगी है। 1 अक्टूबर को दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 166 दर्ज किया गया, जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के पैमाने पर ‘मॉडरेट’ यानी मध्यम श्रेणी में आता है। यह पिछले चार साल में अक्टूबर की शुरुआत का सबसे ज्यादा AQI है — इससे ज्यादा 186 का आंकड़ा 2022 में दर्ज हुआ था।
हवा की कम रफ्तार बनी वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस समय हवा की गति कम होना प्रदूषण बढ़ने की प्रमुख वजह है। जब हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम होती है तो वाहनों, धूल और अन्य स्रोतों से निकलने वाले प्रदूषक वातावरण में ज्यादा देर तक टिके रहते हैं। पूर्वानुमान के अनुसार 2 से 4 अक्टूबर के बीच दिल्ली का AQI मध्यम श्रेणी में ही रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 5 अक्टूबर तक दिल्ली-NCR में बारिश की कोई संभावना नहीं है।
आगे और बिगड़ सकती है हवा
ताजा आंकड़ों के अनुसार आनंद विहार में AQI 105, चांदनी चौक में 116 और CRRI मथुरा रोड पर 138 दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में पराली जलाने, वाहनों के धुएं और निर्माण कार्य से प्रदूषण और बढ़ सकता है। अक्टूबर से दिसंबर के बीच हर साल वायु गुणवत्ता खराब होती है, इसलिए लोगों को अभी से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।