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अयोध्या दीपोत्सव 2026: क्या आपको पता है 30 लाख दीये जलाकर क्या इतिहास बना?

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अयोध्या, 8 नवंबर 2026: शनिवार की शाम जब सरयू के किनारे एक साथ 30 लाख से ज्यादा मिट्टी के दीये जले, तो अयोध्या का दसवाँ दीपोत्सव इतिहास बन गया। राम की पैड़ी समेत सरयू के 56 घाटों पर दीयों की रोशनी से रामनगरी जगमगा उठी। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने संतों और धर्मगुरुओं की मौजूदगी में महोत्सव का उद्घाटन किया, जबकि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी समारोह में शामिल हुए।

दीपोत्सव में क्या-क्या हुआ

  • सरयू नदी के किनारे राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीये जलाए गए — यह संख्या आयोजकों की ओर से बताई गई है; गिनीज रिकॉर्ड की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
  • श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में एक लाख दीये जलाए गए; परिसर के 18 मंदिरों में दीप जले और 101 दीयों का प्रतीकात्मक प्रज्वलन हुआ।
  • रामायण पर आधारित 2100 ड्रोन का शो आकाश में पेश किया गया, जिसमें राम कथा के प्रसंग रोशनी से उकेरे गए। सरयू आरती और लेजर लाइट शो भी आयोजन का हिस्सा रहे।
  • अवध विश्वविद्यालय के 35,000 स्वयंसेवकों ने तीन दिन की मेहनत से दीये सजाने का काम पूरा किया।
  • इस बार दीपोत्सव की थीम ‘नव भारत की नई अयोध्या’ रखी गई थी।

10 साल का सफर: दीपोत्सव कैसे बदला

दीपोत्सव की शुरुआत 2017 में सरयू किनारे कुछ हजार दीयों से हुई थी। तब से हर साल इसका पैमाना बढ़ता गया और अब यह अयोध्या की पहचान बन चुका है। राम मंदिर बनने के बाद यह पहला दीपोत्सव था, जिसमें मंदिर परिसर में भी एक लाख दीये जलाए गए। राम कथा पार्क में लगी विशेष प्रदर्शनी में 1500 ईस्वी से अब तक की अयोध्या की ऐतिहासिक, धार्मिक और सामाजिक यात्रा दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने इस प्रदर्शनी का दौरा भी किया।

सुरक्षा के कैसे इंतज़ाम रहे

  • पूरे शहर में 2500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए; उनके साथ प्रांतीय सशस्त्र बल, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ियाँ भी लगीं।
  • निगरानी के लिए 350 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए और ड्रोन से होने वाले खतरे को रोकने के लिए एंटी-ड्रोन व्यवस्था भी की गई।
  • अयोध्या को कई ज़ोन में बाँटा गया और मुख्य इलाके में करीब 18 सेक्टर बनाए गए, ताकि भीड़ को आसानी से संभाला जा सके।

स्थानीय लोगों के लिए क्या मायने रखता है यह आयोजन

दीपोत्सव अब अयोध्या के व्यापारियों, होटल वालों, नाव चलाने वालों और फूल-माला बेचने वालों के लिए साल का सबसे बड़ा कमाई का मौका बन गया है। हर साल बढ़ती भीड़ के साथ शहर में ठहरने, खाने और खरीदारी की माँग भी बढ़ रही है। श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि राम मंदिर के दर्शन और सरयू स्नान का भी अवसर है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि जब श्रीराम जन्मभूमि पर दीये जलें, तो हर घर-आँगन में भी दीया जलना चाहिए।

आज दिवाली पर भी जलेगा दीया

दीपोत्सव के बाद आज दिवाली के दिन भी राम मंदिर में दीप जलाए जाएँगे और पूरा मंदिर विशेष फसाड लाइट से रोशन किया जाएगा। रामलला को विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या में ही दिवाली मना रहे हैं — हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन के बाद वे निषाद बस्ती में लोगों से मिलेंगे और संतों के साथ बैठक करेंगे।

स्रोत: Zee News, 7 नवंबर 2026; Newsconction, 8 नवंबर 2026; Rashtra Press