नई दिल्ली, 3 नवंबर: दीपावली से ठीक पहले तमिलनाडु के लाखों परिवहन कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य सरकार ने राज्य परिवहन निगमों के 1,06,001 कर्मचारियों के लिए 167.12 करोड़ रुपये के दीपावली बोनस और अनुग्रह राशि का भुगतान कर दिया है। यह राशि सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजी गई है, ताकि त्योहार से पहले हर परिवार के हाथ में अतिरिक्त रकम पहुंच जाए।
राज्य के परिवहन मंत्री विजय तमिझन पार्थिबन ने सोमवार को इस भुगतान की घोषणा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के निर्देश पर वित्त वर्ष 2025-26 के लिए यह बोनस और अनुग्रह राशि जारी की गई है। राज्य की आठों परिवहन निगमों के कर्मचारी इस लाभ के दायरे में आए हैं। सरकार का कहना है कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर इलाकों तक सस्ती और सुलभ परिवहन सेवा पहुंचाने में इन निगमों की भूमिका अहम है, और उसी योगदान को सम्मान देने के लिए यह भुगतान किया गया है।
परिवहन कर्मचारियों के लिए यह रकम सिर्फ एक अतिरिक्त भुगतान नहीं है, बल्कि त्योहार के खर्चों में सीधी राहत है। दीपावली पर घर की सजावट, नए कपड़े, मिठाइयां और बच्चों की जरूरतों पर खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में खाते में आया बोनस परिवारों को कर्ज लेने से बचाता है और त्योहार मनाने का भरोसा देता है। सरकार ने भी अपने बयान में कहा है कि इस मदद का मकसद कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाना और उनकी सेवाओं को स्वीकार करना है।
परिवहन निगमों के अलावा सहकारी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए भी त्योहारी पैकेज की घोषणा हुई है। सहकारी बोनस योजना के तहत 44,570 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, जिस पर राज्य को करीब 49.69 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। लाभ कमाने वाली समितियों में 20 प्रतिशत और अन्य बोनस अधिनियम वाली सहकारी समितियों में 10 प्रतिशत बोनस दिया जाएगा, जबकि गैर-लाभकारी या प्राथमिक समितियों के कर्मचारियों को 3,000 रुपये या 2,400 रुपये की निश्चित अनुग्रह राशि मिलेगी।
इसके साथ ही राज्य की 16 सहकारी और दो सार्वजनिक चीनी मिलों के 5,190 श्रमिकों के लिए 10 से 20 प्रतिशत तक बोनस का आदेश दिया गया है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 3.51 करोड़ रुपये है। इसमें 8.33 प्रतिशत वैधानिक बोनस के साथ छोटी अनुग्रह राशि भी जोड़ी गई है। सहकारिता विभाग ने दीपावली से पहले जनता को राहत देने के लिए 16 करोड़ रुपये के पटाखे खरीदकर रियायती दरों पर बेचने का भी इंतजाम किया है।
कुल मिलाकर तमिलनाडु सरकार का यह कदम दिखाता है कि त्योहारी सीजन में कर्मचारियों की जेब का ध्यान रखना सरकार की प्राथमिकता में है। दूसरे राज्यों के कर्मचारी भी अपने-अपने राज्य के आदेशों पर नजर रखें, क्योंकि बोनस की पात्रता, राशि और भुगतान की तारीख हर राज्य में अलग-अलग होती है। आधिकारिक आदेश आते ही अपने विभाग या निगम से भुगतान की स्थिति जरूर जांच लें, ताकि कोई पात्र कर्मचारी इस लाभ से वंचित न रह जाए।
स्रोत: IANS के हवाले से प्रकाशित समाचार रिपोर्टें

