Gorakhpur News : 16 साल के देवर ने सोते हुए बड़े भाई, भाभी और 3 साल के भतीजे को काट डाला, वजह कर देगी हैरान

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Gorakhpur Triple Murder-उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। यहां एक 16 साल के लड़के ने खौफनाक वारदात को अंजाम देते हुए अपने ही सगे बड़े भाई, भाभी और महज 3 साल के मासूम भतीजे को मौत के घाट उतार दिया। सोमवार तड़के जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, तब इस सनसनीखेज गोरखपुर ट्रिपल मर्डर को अंजाम दिया गया।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए सोते हुए परिवार पर गड़ासे (बांका) से ताबड़तोड़ वार किए और उनकी गर्दन काट दी। इस खौफनाक मंजर की इकलौती चश्मदीद 9 साल की वो मासूम बच्ची है, जिसने अपने माता-पिता और छोटे भाई को अपनी आंखों के सामने कटते हुए देखा। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर जब बुजुर्ग माता-पिता की नींद खुली, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई और घर में कोहराम मच गया।

गोरखपुर ट्रिपल मर्डर की असल वजह: एक छोटी सी दुकान और जलन

आखिर एक 16 साल का किशोर इतना बड़ा कातिल कैसे बन गया? स्थानीय लोगों और पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, इस पूरे खून-खराबे की जड़ परिवार की एक किराने की दुकान है। दरअसल, मृतक बड़ा भाई अमित गुप्ता पहले शहर से बाहर रहकर पेंट-पॉलिश का काम करता था। करीब दो साल पहले वह वापस गांव (जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर बांसगांव थाना क्षेत्र का बलुआ गांव) लौट आया और पिता की दुकान पर बैठने लगा।

इससे पहले दुकान की जिम्मेदारी छोटा भाई (आरोपी) ही संभालता था। बड़े भाई के वापस आने के बाद छोटे को यह डर सताने लगा कि कहीं दुकान पर अमित का पूरी तरह से कब्जा न हो जाए। इसी बात को लेकर घर में आए दिन कलह रहने लगी। असल में, आरोपी नौवीं कक्षा तक ही पढ़ा था, शराब पीने का आदी था और अक्सर घर में झगड़ा करता था। दो महीने पहले उसने पिता से काम शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये की डिमांड भी की थी, जिसे लेकर थाने तक में पंचायत हुई थी और समझौता कराया गया था।

‘चाचा ने मेरे सामने पापा-मम्मी और बाबू को मार डाला’

इस पूरी वारदात में सबसे ज्यादा दिल पसीजने वाली कहानी 9 साल की उस बच्ची की है, जिसे अमित और उनकी पत्नी रंजना ने शादी के 15 साल बाद बच्चा न होने पर गोद लिया था। बच्ची ने पुलिस को रोते हुए बताया कि वह अपने ‘बाबू’ (3 साल के रेयांश) को न मारने की भीख मांगती रही, लेकिन उसके चाचा पर मानो खून सवार था। उसने पहले अमित को डंडे से मारा और फिर गड़ासे से रंजना और रेयांश का सिर काट डाला। गनीमत यह रही कि हत्यारे ने इस बच्ची को छोड़ दिया, जो वहां से जान बचाकर भागी और अपनी दादी को जाकर सारी बात बताई।

खून से सना गड़ासा और कांपते पिता

जब बच्ची की आवाज सुनकर हार्ट पेशेंट पिता हरीलाल अमित के कमरे में पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। पूरे कमरे में खून बिखरा था और उनका छोटा बेटा हाथ में खून से सना गड़ासा लिए बाहर निकल रहा था। अपने ही खून को इस रूप में देखकर पिता इतने सहम गए कि उनके मुंह से एक शब्द नहीं निकला।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भागने के बजाय चुपचाप घर की ऊपरी मंजिल पर जाकर बैठ गया। पिता ने किसी तरह खुद को संभाला और पड़ोसियों व पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे एसएसपी और एसपी ने जब ऊपरी मंजिल पर जाकर देखा, तो कातिल उसी हालत में फर्श पर बैठा मिला। कमरा खुला था और पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में ले लिया। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की कानूनी कार्रवाई कर रही है, लेकिन इस घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार को आपसी रंजिश की भेंट चढ़ा दिया है।