Uttarakhand Government Advertisement

kainchi-dham 2026-कैंची धाम जाने वाले ध्यान दें! 13 से 16 जून तक भारी वाहन और टू-व्हीलर्स पर लगा कड़ा बैन

Uttarakhand Government Advertisement
ताजा खबरों का अपडेट लेने के लिये ग्रुप को ज्वाइन करें Join Now

kainchi-dham 2026-विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करौरी के पावन धाम ‘श्री कैंची धाम’ के स्थापना दिवस और वार्षिक मेले (15 जून) को लेकर उत्तराखंड प्रशासन और नैनीताल पुलिस पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। देश-दुनिया से उमड़ने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने 13 जून से 16 जून तक के लिए एक ऐतिहासिक ‘महा-ट्रैफिक प्लान’ लागू कर दिया है।

अगर आप भी इन तारीखों के बीच बाबा के दर्शन करने या उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में घूमने की सोच रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले पुलिस की यह गाइडलाइन और रूट डायवर्जन प्लान रट लें, वरना आपको बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ सकता है।

बिना ‘विशेष स्टीकर’ के प्राइवेट गाड़ियों की नो-एंट्री!

नैनीताल पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मेले के दौरान मुख्य मार्ग पर भयंकर जाम से बचने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 13 से 16 जून के बीच भवाली से कैंची धाम मार्ग पर भारी वाहनों और पर्यटकों के दोपहिया वाहनों (Two-Wheelers) के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। केवल पुलिस प्रशासन द्वारा जारी ‘विशेष स्टीकर’ वाले वाहनों या स्थानीय होटल/होमस्टे की वैलिड बुकिंग दिखाने वाली गाड़ियों को ही चेकिंग पॉइंट से आगे जाने की अनुमति मिलेगी।

पहली बार बनेगा ‘ग्रीन कॉरिडोर’, दौड़ेंगी 120 शटल बसें

इस साल प्रशासन ने किसी भी आपातकालीन स्थिति (जैसे मेडिकल इमरजेंसी या फायर टेंडर की जरूरत) से निपटने के लिए हल्द्वानी से कैंची धाम तक विशेष ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाने का फैसला किया है।

श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचाने के लिए प्रशासन ने निजी गाड़ियों को रोकने के बाद बंपर शटल सेवा शुरू की है:

  • 120 शटल बसें: परिवहन निगम (UPSRTC) और केमू (KMOU) की 60-60 बसें लगातार शटल सेवा के रूप में चलेंगी।
  • पार्किंग लोकेशंस: श्रद्धालुओं के वाहनों को पार्क करने के लिए नगर निगम इंटर कॉलेज मैदान, हल्द्वानी रेलवे स्टेशन, काठगोदाम और भवाली/भीमताल में विशाल पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। यहीं से आपको सीधे कैंची धाम के लिए शटल बस मिलेगी।

  जरूरी ‘रूट डायवर्जन’ प्लान:

जाम से बचने के लिए पुलिस ने पहाड़ों पर जाने वाले रास्तों को पूरी तरह से डायवर्ट कर दिया है:

  • अल्मोड़ा-रानीखेत जाने वाले यात्री: हल्द्वानी, काठगोदाम या भीमताल से अल्मोड़ा, बागेश्वर, रानीखेत, कौसानी या पिथौरागढ़ जाने वाले समस्त वाहनों को भीमताल $\rightarrow$ पदमपुरी $\rightarrow$ कसियालेख $\rightarrow$ क्वारब मार्ग से भेजा जाएगा।
  • वापसी का रूट: अल्मोड़ा से हल्द्वानी आने वाले सभी वाहनों को भी क्वारब से शीतला खेत और रामगढ़ होते हुए डायवर्ट किया जाएगा।
  • लोकल चेकिंग पॉइंट: भवाली क्षेत्र के सभी मुख्य चौराहों और डायवर्जन पॉइंट्स पर तीन दिन पहले से ही भारी पुलिस बल मुस्तैद रहेगा।

 श्रद्धालुओं के लिए बेहद जरूरी सलाह

नोट: बाबा नीम करौरी का स्थापना दिवस मेला 15 जून को है। यदि आप केवल शांतिपूर्ण दर्शन करना चाहते हैं और बाबा का प्रसिद्ध मालपुआ प्रसाद पाना चाहते हैं, तो प्रशासन की सलाह है कि आप 16 से 18 जून के बीच कैंची धाम आएं। इस दौरान भीड़ काफी कम होगी और आप सुकून से दर्शन कर सकेंगे।