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मुरादाबाद: बलिया बल्लभगढ़ में पिंजरे में कैद हुआ 17वां तेंदुआ, खौफ के साये से बाहर आए ग्रामीण

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मुरादाबाद: जनपद में मानव-वन्यजीव संघर्ष को टालने और तेंदुओं के सुरक्षित रेस्क्यू के लिए चलाए जा रहे वन विभाग के अभियान को शुक्रवार को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। तहसील ठाकुरद्वारा क्षेत्र के ग्राम बलिया बल्लभगढ़ में लगाए गए ट्रैप केज (पिंजरे) में एक तेंदुआ कैद हो गया। मुरादाबाद जिले में अब तक चलाए गए इस रेस्क्यू अभियान के तहत पकड़ा गया यह 17वां तेंदुआ है।

संवेदनशील इलाकों में लगाए गए थे पिंजरे ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुओं की लगातार बढ़ती गतिविधियों और दहशत को देखते हुए वन विभाग ने संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर ट्रैप केज लगाए थे। शुक्रवार को तेंदुआ जैसे ही पिंजरे में फंसा, वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्धारित सुरक्षा मानकों के तहत उसे सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया। तेंदुए के पकड़े जाने से इलाके के लोगों ने बड़ी राहत की सांस ली है।

निगरानी और रेस्क्यू अभियान जारी विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य तेंदुओं को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करना और मानव आबादी वाले क्षेत्रों में मंडरा रहे खतरे को कम करना है। वन विभाग की टीमें अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रही हैं और आवश्यकता के अनुसार नए ट्रैप केज भी लगाए जा रहे हैं।

वन विभाग ने ग्रामीणों से की ये अपील:

  • जंगल या सुनसान खेतों की ओर अकेले जाने से बचें।
  • तेंदुआ या कोई अन्य हिंसक वन्यजीव दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे घेरने का प्रयास बिल्कुल न करें।
  • किसी भी वन्यजीव की गतिविधि नजर आने पर तुरंत वन विभाग की टीम या स्थानीय पुलिस को सूचना दें।