मयंक त्रिगुण, ब्यूरो चीफ
Moradabad news-मुरादाबाद/लोकल डेस्क: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद के कांठ थाना क्षेत्र में इन दिनों तेंदुए का भारी खौफ पसरा हुआ है। यहां तेंदुआ अब पूरी तरह से आदमखोर होता जा रहा है। छत पर सो रही 6 साल की मासूम बच्ची पर हमले की घटना के ठीक अगले ही दिन तेंदुए ने एक 40 वर्षीय किसान पर जानलेवा हमला कर दिया। गनीमत रही कि आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों की सूझबूझ और तत्परता से किसान की जान बच गई, लेकिन वह इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। लगातार हो रहे इन हमलों से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
गन्ने की फसल में घात लगाए बैठा था शिकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांठ थाना क्षेत्र में 40 वर्षीय किसान कपिलदेव सिंह सुबह के समय अपने खेत में बीज के लिए गन्ना काट रहे थे।
- कपिलदेव को जरा भी अंदाजा नहीं था कि गन्ने की घनी फसल के बीच एक खूंखार जंगली जानवर घात लगाए बैठा है।
- अचानक गन्ने के खेत से निकलकर तेंदुए ने उन पर पीछे से जोरदार झपट्टा मार दिया।
- तेंदुए के अचानक हुए इस हमले से खेत में अफरा-तफरी मच गई।
चीख सुनकर दौड़े ग्रामीण, लाठी-डंडों से बचाई जान
तेंदुए के पंजों में फंसे कपिलदेव की चीख-पुकार सुनकर पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत लाठी-डंडे लेकर उनकी मदद के लिए दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने भारी संख्या में इकट्ठा होकर जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। लोगों की भारी भीड़ और लाठी-डंडों का शोर देखकर तेंदुआ घबरा गया और किसान को लहूलुहान हालत में छोड़कर वापस गन्ने के खेत में भाग गया।
चेहरे और कंधे पर गहरे जख्म, हालत गंभीर
तेंदुए के इस जानलेवा हमले में कपिलदेव सिंह के माथे, चेहरे और कंधे पर पंजों के गहरे घाव हो गए हैं।
- लहूलुहान और गंभीर रूप से घायल किसान को परिजन और ग्रामीण तुरंत कांठ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर पहुंचे।
- वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मुरादाबाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया है, जहां उनका इलाज जारी है।
एक दिन पहले बच्ची पर भी हुआ था हमला
तेंदुए के हमले की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे ठीक एक दिन पहले इसी क्षेत्र के गांव राजीपुर खद्दर में भी तेंदुए ने घर की छत पर अपनी मां के साथ सो रही 6 वर्षीय बच्ची दिया पर जानलेवा हमला किया था। लगातार दो दिनों में हुई इन दो बड़ी घटनाओं ने ग्रामीणों को खौफजदा कर दिया है। हमले के बाद ग्रामीणों ने लाठी-डंडों के साथ गन्ने के खेत की घंटों तलाशी ली, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला।
वन विभाग लगाएगा पिंजरा
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम पूरी तरह सक्रिय हो गई है। वन रेंजर ग्रीशचंद्र श्रीवास्तव, डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह और वन दरोगा राजेंद्र सिंह ने अपनी टीम के साथ इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। ग्रामीणों के भारी आक्रोश और डर को देखते हुए वन विभाग ने जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़ने के लिए इलाके में पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया है।

लेखक के बारे में
असिस्टेंट एडिटर
मयंक त्रिगुण Jagruk Youth News में असिस्टेंट एडिटर हैं। इनके पास इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 16 वर्षों से अधिक का अनुभव है। राजनीति, समसामयिक मामलों, न्यायपालिका से जुड़े विषयों पर लिखने में उनकी गहरी रुचि है। मुरादाबाद के टीएमयू (TMU University) से MJMC (MA) की पढ़ाई पूरी करने के बाद से वह छह साल से अधिक समय से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

