मयंक त्रिगुण, ब्यूरो चीफ
Moradabad News : लखनऊ में हाल ही में हुए कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद जिले में चलाए जा रहे विशेष सुरक्षा अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित चाणक्य कोचिंग अकैडमी को सील कर दिया। जांच के दौरान संस्थान के पास अग्निशमन विभाग की अनिवार्य फायर एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) नहीं पाई गई, जिसके बाद जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से संस्थान को बंद कर सील करने की कार्रवाई की।
अमर उजाला की खबर के अनुसार जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपद भर में कोचिंग सेंटरों, शैक्षणिक संस्थानों और भीड़भाड़ वाले प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अग्निशमन विभाग की टीम ने चाणक्य अकैडमी का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि संस्थान में फायर सेफ्टी से जुड़े कई आवश्यक मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि संस्थान के पास अग्निशमन विभाग द्वारा जारी की जाने वाली अनिवार्य फायर एनओसी उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा सुरक्षा उपकरणों और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर भी कई कमियां सामने आईं।
अग्निशमन विभाग ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी, जिसके आधार पर प्रशासन ने बिना देरी किए चाणक्य अकैडमी को सील करने के आदेश जारी कर दिए। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में संस्थान को सील कर दिया गया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। बिना आवश्यक सुरक्षा मानकों और फायर एनओसी के किसी भी शैक्षणिक संस्थान, कोचिंग सेंटर या व्यावसायिक प्रतिष्ठान का संचालन नियमों के विरुद्ध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद शहर के अन्य कोचिंग संस्थानों और शैक्षणिक प्रतिष्ठानों में हड़कंप की स्थिति है। कई संस्थानों ने अपने सुरक्षा दस्तावेजों और फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच शुरू कर दी है। वहीं, अग्निशमन विभाग की टीमें लगातार विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण अभियान चला रही हैं।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले अन्य संस्थानों के खिलाफ भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों ने सभी संस्थान संचालकों से अपील की है कि वे समय रहते फायर एनओसी प्राप्त करें और सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
प्रशासन का संदेश साफ है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि, अभी तक इस कार्रवाई को लेकर जिला प्रशासन के किसी उच्च अधिकारी का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।