संभल में बड़ी खबर, 101 करोड़ के सरकारी जमीन घोटाले में बड़ा खुलासा, सहायक नगर आयुक्त गिरफ्तार

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संभल। मुरादाबाद-संभल हाईवे किनारे 38 बीघा करीब 101 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन के घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वर्तमान में नगर निगम शाहजहांपुर में तैनात सहायक नगर आयुक्त और संभल नगर पालिका के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि राजकुमार गुप्ता को बुधवार को शाहजहांपुर स्थित कार्यालय से पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के दौरान वह कई महत्वपूर्ण सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद उन्हें थाना कोतवाली संभल में दर्ज मुकदमा संख्या 162/2026 में नामजद करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।

जांच में सामने आया है कि मुरादाबाद-संभल हाईवे किनारे सरकारी जमीन को फर्जी दस्तावेजों, अधिकारियों की साठगांठ और वर्ष 2013 में अधिशासी अधिकारी रहते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दाखिल शपथ पत्र के माध्यम से निजी लोगों के पक्ष में कराने का प्रयास किया गया, जिससे सरकार को 101 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति पहुंची।

आरोप है कि उन्होंने ईओ रहते हुए ने निजी लाभ के लिए ग्राम सभा की जमीन से संबंधित रिट वापस कराने में भूमिका निभाई और आरोपितों को अवैध लाभ पहुंचाया। मामले में अब तक 31 लोगों के नाम प्रकाश में आ चुके हैं। पुलिस पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कौशर अहमद समेत अन्य संबंधित लोगों, तत्कालीन डीडीसी, चकबंदी के मानचित्रकार, पैरोकार और जमीन खरीदने वालों से भी पूछताछ कर रही है।

एसपी ने बताया कि आधे से अधिक सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त करा लिया गया है और शेष जमीन भी मुक्त कराने की कार्रवाई जारी है। राजकुमार गुप्ता करीब छह वर्ष तक संभल नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी रहे। उनके खिलाफ वर्ष 2022 में भी 40 लाख रुपये के गबन का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें शासन को धनराशि जमा करा दी गई थी, लेकिन आपराधिक कार्रवाई नहीं हुई थी।

एसपी ने बताया कि आधे से अधिक सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त करा लिया गया है और शेष जमीन भी मुक्त कराने की कार्रवाई जारी है। राजकुमार गुप्ता करीब छह वर्ष तक संभल नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी रहे। उनके खिलाफ वर्ष 2022 में भी 40 लाख रुपये के गबन का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें शासन को धनराशि जमा करा दी गई थी, लेकिन आपराधिक कार्रवाई नहीं हुई थी।