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ड्राइवर का बड़ा खुलासा जबरदस्ती कार में बिठाई गई थी सिया जानें बीच रास्ते में क्या-क्या हुआ?

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पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। प्री-वेडिंग शूट के लिए जब केतन और उसकी आरोपी मंगेतर सिया बाली जा रहे थे, उस समय कार में क्या हुआ, ये सारी बारें ड्राइवर वैभव जाधव ने बताई हैं। ड्राइवर ने बताया कि उन्होंने पुणे से कार बुक की थी।

जबरदस्ती कार में बिठाई गई थी सिया
ड्राइवर ने खुलासा किया सिया बाली जाने को तैयार नहीं थी, वह कार में बैठने को भी तैयार नहीं थी, इसलिए सिया के भाई साहिल ने उसका हाथ पकड़कर उसे जबरदस्ती कार में बैठा लिया। सिया और उसके भाई साहिल की पुणे और रावेत (पिंपरी चिंचवाड़) के बीच कार में बहस हो गई। इसके बाद, वे केतन अग्रवाल और उसके कुछ परिवार वालों के साथ किवाले लोढ़ा से मुंबई के लिए निकले।

एयरपोर्ट पहुंचते, गायब था पासपोर्ट
रास्ते में सभी लोग एक फूड कोर्ट पर चाय और नाश्ते के लिए रुके। फिर सिया किसी बहाने से कार के पास आई और कार से कुछ सामान निकालकर अपनी जेब में रख लिया। यह बात कार के ड्राइवर को पता चली। बाद में जब ड्राइवर ने सबको मुंबई एयरपोर्ट पर छोड़ा। कुछ देर बाद, केतन का ड्राइवर को फोन आया कि मेरा कुछ सामान कार में रह गया है, मेरा पासपोर्ट रह गया है। जब ड्राइवर वापस जाकर उनसे मिला तो केतन को पासपोर्ट नहीं मिला। ऐसा माना जा रहा है कि इसी बीच सिया फ़ूड कोर्ट से पासपोर्ट ले गई होगी।

केतन की हत्या की कैसे रची गई साजिश?
बता दें कि 11 फरवरी को सगाई के बाद, सिया ने केतन के ट्रैकिंग के शौक को ही उसका डेथ वारंट बनाने का फैसला किया। उसने पहली साजिश 4 जून को रची, जब उसने केतन को लोहगढ़ किले पर ले जाने की जिद की। दरअसल, 6 जून को केतन, उसकी बहन और दोस्त के साथ सिया की बाली की ट्रिप तय थी। इस ट्रिप को रद्द करने और भारत में ही रहने के लिए सिया ने केतन का पासपोर्ट तक छिपा दिया, ताकि वह उसे अपने प्लान के मुताबिक लोहगढ़ किले पर ले जाकर ठिकाने लगा सके।

जब पहली कोशिश नाकाम रही, तो सिया ने 14 जून को दूसरी बार केतन को लोहगढ़ किले पर चलने के लिए राजी किया। वहां उसने केतन को खाई में धक्का दे दिया, लेकिन किस्मत से एक पेड़ का सहारा मिलने के कारण केतन की जान बच गई। जब केतन ने इस बारे में पूछा, तो सिया ने सांप से बचाने का झूठा बहाना बना दिया, जिसे केतन ने सच मान लिया। इसके बाद, 19 जून को सिया के जन्मदिन के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था, लेकिन उससे ठीक एक दिन पहले 18 जून को सिया ने प्री-वेडिंग फोटोशूट का झांसा देकर उसे तीसरी बार उसी किले पर बुलाया। इस बार सिया अकेली नहीं थी; उसने अपने बॉयफ्रेंड चेतन को भी साथ रखा था। जैसे ही केतन पहाड़ियों की तरफ देखने में मग्न हुआ, सिया और चेतन दोनों ने मिलकर उसे पीछे से धक्का दे दिया और इस तरह तीसरी कोशिश में वह अपनी खौफनाक साजिश में कामयाब हो गए।