देहरादून, 29 अक्टूबर: करवा चौथ के अवसर पर उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की महिला कर्मचारियों को आज सार्वजनिक अवकाश दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के बाद गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को महिला कार्मिकों को कार्यालय जाने की बाध्यता नहीं रहेगी। यह अवकाश राज्य के शासकीय और अशासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों तथा शासकीय प्रतिष्ठानों में कार्यरत सभी महिला कर्मचारियों पर लागू होगा। सरकार के इस फैसले से व्रत रखने वाली कामकाजी महिलाओं को पर्व की तैयारियों और पूजा के लिए पूरा दिन मिल सकेगा।
शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह अवकाश राज्यपाल की स्वीकृति के बाद घोषित किया गया है। अधिसूचना संख्या 1501/xxxi(15)G/26-74(सा०)/2016 के तहत यह आदेश उत्तराखंड शासन के सचिव राजेंद्र कुमार की ओर से 28 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया। आदेश की प्रतिलिपि नैनीताल उच्च न्यायालय के निबंधक, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के सचिव, सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है, ताकि किसी भी कार्यालय में इस अवकाश को लेकर भ्रम न रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि करवा चौथ महिलाओं की आस्था, प्रेम और पारिवारिक विश्वास से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की भावनाओं, आस्था और परंपराओं का सम्मान करते हुए उनके हितों के प्रति संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार यह अवकाश मातृशक्ति के समर्पण और प्रेम के प्रति सम्मान का प्रतीक है, ताकि महिलाएं बिना काम की चिंता के पूरे मन से पर्व मना सकें और परिवार के साथ समय बिता सकें।
करवा चौथ हिंदू परंपरा का एक विशेष पर्व है, जिसमें महिलाएं पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। कई महिलाएं सूर्योदय से चंद्रमा के दर्शन तक निर्जला उपवास करती हैं और शाम को विधि-विधान से पूजा के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं। नौकरीपेशा महिलाओं के लिए कार्यालय की जिम्मेदारियों के साथ व्रत और पूजा की तैयारियां करना अक्सर कठिन हो जाता है, इसलिए इस एक दिन के अवकाश को उनके लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
पाठकों के लिए यह जानना जरूरी है कि यह अवकाश केवल महिला कर्मचारियों के लिए घोषित किया गया है, सभी कर्मचारियों के लिए नहीं। इसलिए पुरुष कर्मचारियों के कार्यालय सामान्य रूप से खुले रहेंगे, जबकि महिला कार्मिकों की अनुपस्थिति के कारण कुछ कार्यालयों में कामकाज सीमित रह सकता है। जिन महिलाओं को आज किसी जरूरी सरकारी काम से कार्यालय जाना है, उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि संबंधित महिला अधिकारी या कर्मचारी अवकाश पर हो सकती हैं। बेहतर होगा कि अत्यावश्यक कार्य पहले से तय कर लिए जाएं या अगले कार्यदिवस के लिए टाल दिए जाएं।
इस फैसले का सामाजिक संदेश भी अहम है। सरकार का कहना है कि विकास के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक पर्वों से जुड़ी भावनाओं को भी मजबूत करना जरूरी है। करवा चौथ जैसे पर्व परिवारों में प्रेम, विश्वास और आपसी समर्पण की भावना को सशक्त करते हैं। महिला कर्मचारियों को मिला यह अवकाश उसी सोच का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें त्योहार को केवल छुट्टी नहीं, बल्कि परंपरा के सम्मान के रूप में देखा गया है।
स्रोत: उत्तराखंड शासन, सामान्य प्रशासन विभाग की 28 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना और मुख्यमंत्री कार्यालय के बयान पर आधारित समाचार रिपोर्टें

