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मुरादाबाद के थाने में गूंजा वंदे मातरम, SPने कराया सामूहिक गायन

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मयंक त्रिगुण, वरिष्ठ संवाददाता

मुरादाबाद, 07 नवंबर 2025: देशभक्ति का जज्बा उस वक्त सातवें आसमान पर पहुंच गया जब मुरादाबाद के पुलिसवालों ने अपने ही दफ्तर में बंकिम चंद्र चटर्जी का लिखा ऐतिहासिक राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ पूरे 150 साल पूरा होने पर धूमधाम से गाया। पुलिस अधीक्षक नगर कुमार रणविजय सिंह ने खुद आगे बढ़कर अपने कार्यालय में इस खास सामूहिक गायन कार्यक्रम का आयोजन किया। थाने के हर कोने से गूंज उठा – वंदे मातरम! सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी राष्ट्रगौरव की भावना से लबरेज होकर एक साथ खड़े हो गए और पूरे जोश के साथ राष्ट्रगीत का गायन किया। माहौल इतना जोशीला था कि देखने वाले भी देशभक्ति में डूब गए।

कार्यक्रम में क्या-क्या हुआ खास?

शुक्रवार का यह आयोजन बेहद खास रहा। पुलिस अधीक्षक कुमार रणविजय सिंह ने खुद कमान संभाली और पूरे स्टाफ को इकट्ठा किया। कोई छोटा हो या बड़ा अफसर, सबने एक स्वर में ‘वंदे मातरम’ गाया। राष्ट्रगीत की धुन पर थाने का पूरा स्टाफ झूम उठा। राष्ट्रगौरव और देशभक्ति की भावना हर चेहरे पर साफ झलक रही थी। लेकिन बस यहीं नहीं रुका कार्यक्रम। इसी मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी लाइव प्रसारित किया गया। सभी पुलिसकर्मियों ने उत्साह से भरे मन से पीएम का पूरा भाषण देखा और सुना। माहौल में देशभक्ति का ऐसा रंग चढ़ा कि हर कोई गर्व से सीना तानकर खड़ा था।

150 साल का गौरवशाली सफर

बंकिम चंद्र चटर्जी ने ‘वंदे मातरम’ को 1870 के दशक में लिखा था, जो बाद में आनंदमठ उपन्यास का हिस्सा बना। यह गीत स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक बन गया और आज भी राष्ट्रगीत के रूप में गाया जाता है। पूरे 150 साल पूरे होने पर मुरादाबाद पुलिस ने इसे यादगार बना दिया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ गायन नहीं, बल्कि देश की एकता और अखंडता की याद दिलाने वाला था। थाने में मौजूद हर शख्स ने महसूस किया कि वे सिर्फ पुलिसवाले नहीं, देश के सच्चे सिपाही हैं।

पीएम मोदी का संबोधन बना हाईलाइट

कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण रहा प्रधानमंत्री का सीधा प्रसारण। जैसे ही पीएम की आवाज स्क्रीन पर गूंजी, पूरा थाना शांत हो गया और सबने ध्यान से सुना। पीएम ने ‘वंदे मातरम’ के महत्व पर बात की, स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया और युवाओं से देशभक्ति की अलख जगाने की अपील की। पुलिसकर्मियों ने तालियां बजाकर पीएम का स्वागत किया। कई जवानों की आंखें गर्व से चमक रही थीं। यह लाइव प्रसारण उत्साहपूर्वक देखा गया और हर कोई इससे प्रेरित हुआ।

पुलिसवालों का जोश, देश का गौरव

आमतौर पर ड्यूटी और कानून-व्यवस्था में व्यस्त रहने वाले पुलिसकर्मी इस दिन कुछ अलग ही नजर आए। यूनिफॉर्म में खड़े होकर राष्ट्रगीत गाते हुए उनका जोश देखते ही बनता था। पुलिस अधीक्षक कुमार रणविजय सिंह ने सभी को बधाई दी और कहा कि ऐसे आयोजन पुलिस की छवि को और मजबूत बनाते हैं। थाने में मौजूद हर कर्मचारी ने महसूस किया कि वे सिर्फ अपराध रोकते नहीं, बल्कि देश की सेवा भी करते हैं। कार्यक्रम के अंत में सबने एक बार फिर जोर से गाया – वंदे मातरम! मुरादाबाद पुलिस ने साबित कर दिया कि देशभक्ति उनके खून में दौड़ती है।

यह छोटा सा लेकिन भावुक आयोजन मुरादाबाद में चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर भी पुलिस की तारीफ हो रही है। लोग कह रहे हैं कि अगर हर सरकारी दफ्तर में ऐसे कार्यक्रम हों तो देशभक्ति का जज्बा और बढ़ेगा। पुलिस अधीक्षक ने वादा किया कि आगे भी ऐसे आयोजन होते रहेंगे। कुल मिलाकर, ‘वंदे मातरम’ के 150 साल का जश्न मुरादाबाद पुलिस ने यादगार बना दिया।