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कांवड़ ला रहे सेना के जवान की हादसे में मौत, तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा पार्थिव शरीर

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बिजनौर/बुलंदशहर। हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे शिवभक्तों के जत्थे में उस वक्त मातम छा गया, जब बिजनौर जिले में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में भारतीय सेना के एक युवा जवान की जान चली गई। बुलंदशहर जिले के खुर्जा क्षेत्र स्थित गांव सुल्तानपुर के रहने वाले 23 वर्षीय फौजी और उत्कृष्ट कबड्डी खिलाड़ी अमन सोलंकी (अमन फौजी) का बिजनौर के नजीबाबाद क्षेत्र में एक्सीडेंट हो गया, जिसमें उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

मोटा महादेव मंदिर के पास डीजे वाहन से भिड़ी बाइक

जानकारी के अनुसार, अमन फौजी छुट्टी पर अपने घर आए हुए थे और सावन माह में हरिद्वार से पवित्र गंगाजल (कांवड़) लेकर अपने साथी हिरदेश तोमर के साथ बाइक से वापस अपने गांव सुल्तानपुर लौट रहे थे।

इसी दौरान, नजीबाबाद के मंडावली थाना क्षेत्र में मोटा महादेव मंदिर बाईपास के पास उनकी बाइक एक डीजे लगे वाहन से अनियंत्रित होकर टकरा गई। हादसा इतना भयंकर था कि अमन फौजी की मौके पर ही दुखद मृत्यु हो गई, जबकि उनके साथी हिरदेश तोमर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल साथी को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हादसे पर एक नज़र (Quick Facts):

विवरणजानकारी
घटनास्थलमोटा महादेव मंदिर बाईपास, मंडावली (बिजनौर)
मृतक का नामअमन सोलंकी उर्फ अमन फौजी (23 वर्ष)
निवासीग्राम सुल्तानपुर, खुर्जा (बुलंदशहर)
सेना में तैनाती15 ग्रेनेडियर रेजीमेंट (अलवर, राजस्थान)
घायल साथीहिरदेश तोमर

तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा शव, रो पड़ा पूरा गांव

अमन सोलंकी भारतीय सेना की 15 ग्रेनेडियर रेजीमेंट में तैनात थे और वर्तमान में उनकी ड्यूटी राजस्थान के अलवर में थी। सेना का एक उत्कृष्ट जवान और होनहार खिलाड़ी होने के नाते पूरे गांव को उन पर गर्व था।

जैसे ही हादसे में अमन की मौत की मनहूस खबर उनके पैतृक गांव सुल्तानपुर (खुर्जा) पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। जब देशभक्ति गानों के बीच जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो वहां हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों नम आंखों और भारी दुख के बीच भारत मां के इस लाल को अंतिम विदाई दी गई। देश के एक युवा जवान और खिलाड़ी का यूं अचानक चले जाना समाज और देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है।