मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में इन दिनों बंदरों का आतंक अपने चरम पर है। शहर के कई इलाकों में बंदरों के झुंड ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बंदरों के लगातार हो रहे हमलों और प्रशासन की अनदेखी को देखते हुए अब मुरादाबाद नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रितेश कुमार गुप्ता ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारी (DM) को पत्र लिखकर तत्काल बंदर पकड़ने का अभियान शुरू कराने की मांग की है।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा खौफ
विधायक रितेश कुमार गुप्ता ने जिलाधिकारी को भेजे अपने पत्र में शहर के उन इलाकों का जिक्र किया है, जहां बंदरों का सबसे ज्यादा आतंक है। उन्होंने बताया कि मोरा की मिलक, आशियाना, परंपरा-1, परंपरा-2, नवीन नगर, रामगंगा विहार, प्रकाश एन्क्लेव, गौड़ ग्रेशियस, गांगन वाली मैनाठेर और लाइनपार में केजीके डिग्री कॉलेज के आसपास बंदरों ने डेरा जमा रखा है।
इसके अलावा बुद्धि विहार और दिल्ली रोड समेत कई अन्य इलाकों में बंदर सीधे घरों में घुस रहे हैं और रास्तों से गुजरने वाले राहगीरों पर जानलेवा हमला कर रहे हैं।
समस्या पर एक नज़र (Quick Facts):
| विवरण | जानकारी |
| मुख्य समस्या | शहर में बंदरों का बढ़ता आतंक और हमले |
| प्रभावित क्षेत्र | मुरादाबाद शहर के दर्जनों इलाके |
| कार्रवाई की मांग | विधायक रितेश गुप्ता ने DM को लिखा पत्र |
| संबंधित विभाग | नगर निगम और वन विभाग (जिम्मेदारी टालने का आरोप) |
| वर्तमान स्थिति | बच्चों और बुजुर्गों का घर से निकलना मुश्किल |
घायलों को हायर सेंटर करना पड़ा रेफर
विधायक ने पत्र में इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है कि बंदरों के हमलों में अब तक कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि कुछ घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद निजी अस्पतालों से हायर सेंटर तक रेफर करना पड़ा है। बंदरों के खौफ के कारण छोटे बच्चों का स्कूल जाना और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलकर टहलना पूरी तरह से बंद हो गया है।
नगर निगम और वन विभाग पर जिम्मेदारी टालने का आरोप
रितेश गुप्ता ने बताया कि इस विकराल समस्या के समाधान के लिए पहले भी नगर निगम और वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया था। लेकिन दोनों ही विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। विभागों की इसी लापरवाही के चलते अब तक शहर में बंदर पकड़ने का कोई ठोस अभियान शुरू नहीं हो सका है।
विधायक ने जिलाधिकारी से मांग की है कि संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल बंदर पकड़ने का अभियान चलाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि मुरादाबाद की जनता को इस खौफ से निजात मिल सके।