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मुरादाबाद सियासत: सपा MLA नवाब जान पर बरसे इकबाल हुसैन, बोले- ’12 साल में कोई विकास नहीं, अखिलेश यादव से होगी शिकायत’

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मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश की ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के भीतर की सियासी जंग अब बेहद निचले स्तर पर आ गई है। विधायक नवाब जान खान द्वारा “अहसान फरामोश” कहे जाने से भड़के पूर्व ब्लॉक प्रमुख और सपा नेता इंजीनियर इकबाल हुसैन ने पलटवार करते हुए विधायक पर सीधे भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगा दिए हैं। इकबाल हुसैन ने दो टूक कहा है कि विधायक नवाब जान खान पिछले 12 साल में क्षेत्र में कोई बड़ा काम नहीं करवा पाए हैं और वे केवल 50-50 फीसदी कमीशन लेकर लाइटें लगवाने का काम कर रहे हैं।

दरअसल, विधायक नवाब जान द्वारा अतीत का हवाला देकर घेरे जाने के बाद इंजीनियर इकबाल हुसैन ने UPUKLive से विशेष बातचीत में विधायक के दावों की धज्जियां उड़ा दीं। पेश है इस इंटरव्यू के मुख्य अंश…

इकबाल हुसैन ने कहा कि विधायक उन पर क्या अहसान जताएंगे, साल 2017 के विधानसभा चुनाव में तो नवाब जान खुद चुनाव हार रहे थे। उस वक्त मैंने और मेरी पूरी टीम ने चुनाव की बागडोर संभालकर उन्हें जीत दिलाई थी। इकबाल ने दावा किया कि जितने अहसान विधायक के उन पर हैं, उससे चार गुना ज्यादा अहसान उनके विधायक पर हैं।

‘कमीशन नहीं मिलता, इसलिए सड़कें नहीं बनवा रहे विधायक’

विधायक नवाब जान खान के 12 साल के कार्यकाल पर तीखा हमला बोलते हुए इंजीनियर इकबाल हुसैन ने विकास के दावों की पोल खोली। उन्होंने कहा, “जनता सब देख रही है कि 12 साल में ठाकुरद्वारा में क्या विकास हुआ है। विधायक जी क्षेत्र में कौन सी यूनिवर्सिटी या मेडिकल कॉलेज ले आए? उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार के कौन से अवसर पैदा किए? पिछले 12 साल में उन्होंने सिर्फ लाइटें लगवाई हैं, वो भी 50-50 प्रतिशत कमीशन लेकर। क्षेत्र में सड़कें इसलिए नहीं बन रही हैं क्योंकि सड़कों के काम में उन्हें कमीशन नहीं मिल रहा है।”

पड़ोसी विधायक कमाल अख्तर का दिया उदाहरण, बोले- बहानेबाजी करते हैं नवाब जान

विधायक नवाब जान के इस दावे पर कि ‘विपक्ष की सरकार होने के कारण काम नहीं होते’, इंजीनियर इकबाल ने पड़ोसी विधानसभा क्षेत्र कांठ का उदाहरण देकर उन्हें आईना दिखाया। इकबाल ने कहा, “विधायक तो विधायक होता है, चाहे वो सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का। आप बगल की सीट कांठ में देख लीजिए, वहां से सपा के कमाल अख्तर साहब विधायक हैं। उनके पास रोज सैकड़ों लोग काम के लिए आते हैं और वे डीएम, कप्तान व अन्य अधिकारियों से बात करके जायज काम करवाते भी हैं। लेकिन हमारे विधायक सिर्फ बहानेबाजी करते हैं। उनके वीडियो पर आए सैकड़ों कमेंट्स खुद गवाही दे रहे हैं कि जनता उनके ‘सरकार नहीं है’ वाले बहाने से कितनी परेशान है।”

‘मेंबर्स को बंधक बनाने की बात लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ’

विधायक नवाब जान खान द्वारा साल 2017 के अविश्वास प्रस्ताव के दौरान बीडीसी (BDC) मेंबर्स को अपने आवास पर ठहराने के दावे को भी इकबाल हुसैन ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने विधायक के इस दावे को असंवैधानिक बताते हुए कहा, “इस तरह की बंद कमरों की कोई राजनीति नहीं होती है। आप किसी भी मेंबर को बंधक या बंद करके नहीं रख सकते। यह हमारे लोकतांत्रिक देश और संवैधानिक प्रक्रिया के पूरी तरह खिलाफ है। वह चुनाव पूरी तरह मेरी कूटनीति का हिस्सा था।”

पार्टी के भीतर मचे इस घमासान पर बात करते हुए इकबाल हुसैन ने साफ किया कि इस लड़ाई से समाजवादी पार्टी कमजोर नहीं होगी क्योंकि सपा देश की तीसरे नंबर की सबसे बड़ी पार्टी है। उन्होंने एलान किया कि वे बहुत जल्द पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर शिकायत करेंगे। इकबाल ने स्पष्ट किया कि वे समाजवादी पार्टी के सच्चे सिपाही हैं और पार्टी के भीतर रहकर ही भाजपा के खिलाफ और सपा के अंदर मौजूद गलत लोगों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

खबर का स्त्रोत-UPUKLive