रामपुर, 14 अक्टूबर: जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से साझा की गई जांच-सूचना के आधार पर यूपी पुलिस ने आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और अन्य के खिलाफ रामपुर के जौहर विश्वविद्यालय में सरकारी धन व निर्माण सामग्री के दुरुपयोग के आरोप में ताजा FIR दर्ज की है।
यह मामला 13 अक्टूबर को दर्ज हुआ है। FIR में भारतीय न्याय संहिता की धारा 61, 316(5) और 318(4) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13(1)(d) और 13(2) भी लगाई गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक, ED ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम की धारा 66(2) के तहत यह सूचना यूपी पुलिस के साथ साझा की थी, जिसके आधार पर पुलिस अब एजेंसी के आरोपों की जांच करेगी।
ED के मुताबिक, विश्वविद्यालय परिसर में इमारतों के निर्माण की अनुमानित लागत करीब 494.46 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि ट्रस्ट के आयकर रिटर्न में वित्त वर्ष 2013-14 से 2024-25 के बीच कुल पूंजीगत व्यय सिर्फ 78.32 करोड़ रुपये दिखाया गया है। दोनों आंकड़ों में करीब 416.14 करोड़ रुपये का अंतर बताया गया है।
ED की शिकायत में ठेकेदारों से जुड़े करीब 55.8 करोड़, सरकारी कार्यों के 23.41 करोड़ और विधायक-विधान परिषद निधि के 6.60 करोड़ रुपये के कार्यों का उल्लेख है, जिनका कुल योग करीब 85.81 करोड़ रुपये बताया गया है। एजेंसी ने ट्रस्ट को मिले कुछ चंदों की सत्यता पर भी सवाल उठाए हैं।
स्रोत: आईएएनएस/मीडिया रिपोर्ट्स

