हाइलाइट्स (Highlights):
- मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में उत्तराखंड सीमा से सटे गांवों में तेंदुओं का भारी आतंक; इलाके में खौफ का माहौल।
- सोमवार तड़के 4 बजे एक तेंदुआ पिंजरे में फंसा, लेकिन 6 घंटे बाद ही राईभूड़ गांव में 3 तेंदुओं ने किया नया हमला।
- गन्ने के खेत में पत्तियां छील रहे 23 वर्षीय युवक ललित कुमार पर तेंदुए ने किया जानलेवा वार, सिर और चेहरे पर गंभीर घाव।
- मौके पर मौजूद दादी, चाचा-चाची और किसानों ने लाठियां लेकर मचाया शोर, तब जाकर युवक को छोड़कर भागे तेंदुए।
- 108 एम्बुलेंस से घायल को पहुंचाया गया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC); वन विभाग को दी गई घटना की सूचना।
विस्तृत खबर (Full Story):
मुरादाबाद (ठाकुरद्वारा)।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में उत्तराखंड सीमा से सटे गांवों में तेंदुओं का आतंक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इलाके में एक महिला को नोंच-नोंचकर मारने और एक किसान को गंभीर रूप से घायल करने के बाद तेंदुओं ने अब एक और युवक को अपना शिकार बनाने की कोशिश की है। सोमवार तड़के वन विभाग की गिरफ्त में एक तेंदुए के आने से ग्रामीणों ने अभी राहत की सांस ली ही थी कि महज 6 घंटे बाद 3 अन्य तेंदुओं ने एक युवक पर जानलेवा हमला कर पूरे इलाके में फिर से दहशत फैला दी है।
गन्ने के खेत में बैठे थे 3 तेंदुए, अचानक किया वार
जानकारी के अनुसार, ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र के गांव राईभूड़ (मुनीमपुर) निवासी 23 वर्षीय ललित कुमार (पुत्र मनोज कुमार) सोमवार को अपनी दादी सुमित्रा देवी, चाचा सौरभ और चाची मुन्नी देवी के साथ गन्ने के पत्तों की छिलाई करने जंगल गया था। सुबह करीब 11:30 बजे गन्ने के खेत में उन्हें अचानक तीन तेंदुए बैठे दिखाई दिए। इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, एक तेंदुए ने छलांग लगाते हुए ललित पर जोरदार हमला कर दिया।
घटनाक्रम पर एक नज़र (Quick Facts):
| विवरण | जानकारी |
| घटनास्थल | गांव राईभूड़ (मुनीमपुर), थाना ठाकुरद्वारा |
| घायल का नाम | ललित कुमार (23 वर्ष) |
| हमले का समय | सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे |
| तेंदुओं की संख्या | खेत में 3 तेंदुए मौजूद थे (1 ने किया हमला) |
| बचाव दल | दादी, चाचा-चाची और आसपास के किसान |
| अस्पताल/इलाज | राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती |
परिजनों ने लाठियां लेकर दौड़ाई जान, बाल-बाल बचा युवक
तेंदुए के इस खौफनाक हमले में ललित के सिर पर तीन जगह और चेहरे पर एक जगह गहरे घाव हो गए। खून से लथपथ ललित ने जब मदद के लिए शोर मचाया, तो उसके साथ मौजूद परिजन और आसपास खेतों में काम कर रहे किसान लाठियां लेकर दौड़ पड़े। लोगों की भारी भीड़ और शोर-शराबा सुनकर तीनों तेंदुए युवक को छोड़कर वापस घने जंगल की ओर भाग निकले।
108 एम्बुलेंस से पहुंचाया अस्पताल, वन विभाग अलर्ट
गंभीर रूप से घायल ललित की जान बाल-बाल बच गई। परिजनों की सूचना पर 108 एम्बुलेंस (पायलट द्रुरोजपाल और ईएमटी विजय प्रकाश) तुरंत मौके पर पहुंची और घायल को राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ठाकुरद्वारा पहुंचाया गया, जहां फिलहाल उसका उपचार चल रहा है।
इस नए हमले की सूचना वन विभाग को दे दी गई है। सोमवार सुबह 4 बजे एक तेंदुए के पिंजरे में फंसने के बावजूद, खेत में 3 और तेंदुओं के एक साथ दिखने से ग्रामीणों में भारी दहशत बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से अकेले जंगल की तरफ न जाने की अपील की है।