हरिद्वार/मुजफ्फरनगर। सावन महीने में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है। करोड़ों शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों की ओर बढ़ रहे हैं। इसी बीच शुक्रवार दोपहर मुजफ्फरनगर में एक अलग ही नजारा देखने को मिला, जब दो मुस्लिम महिलाएं हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लेकर पहुंचीं। बुर्का पहने इन महिलाओं को कांवड़ लाते देख सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
तमन्ना मलिक और अनीशा की कांवड़ बना चर्चा का विषय
जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद निवासी तमन्ना मलिक और अनीशा हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा पर निकली हैं। मुजफ्फरनगर पहुंचने पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और फूल-मालाओं से अभिनंदन किया। बातचीत के दौरान तमन्ना मलिक और अनीशा ने बताया कि उन्होंने सनातन धर्म अपना लिया है। तमन्ना मलिक ने कहा, ष्इस्लाम में महिलाओं की कोई इज्जत नहीं है, इसलिए हमने सनातन धर्म अपना लिया है। सनातन धर्म में मां-बहनों की इज्जत की जाती है। इसलिए हमने घर वापसी की है।ष् उन्होंने अन्य मुस्लिम महिलाओं से भी अपील करते हुए कहा कि वे भी इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म में आएं, यहां उन्हें मान-सम्मान से जीने का हक मिलेगा।
पहले भी कर चुकी हैं कांवड़ यात्रा
तमन्ना मलिक ने बताया कि वह अपने परिवार की सुख-शांति की कामना को लेकर यह कांवड़ यात्रा कर रही हैं। उन्होंने बताया कि यह उनकी पहली कांवड़ यात्रा नहीं है, इससे पहले वह पिछले वर्ष फरवरी माह में भी कांवड़ यात्रा कर चुकी हैं। तमन्ना ने कहा कि उन्हें किसी भी तरह के कट्टरपंथी से डर नहीं लगता, क्योंकि जो सच्चा सनातनी होता है वह किसी से नहीं डरता। फिलहाल दोनों महिलाएं गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गई हैं, लेकिन उनकी यह यात्रा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
बता दें कि संभल की रहने वाली तमन्ना ने अमन त्यागी से प्रेम विवाह किया था, जिसे दोनों परिवारों ने स्वीकार किया था। तमन्ना पहले भी कांवड़ यात्रा कर चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि यात्रा पर निकलने से पहले उन्होंने अपने पति और ससुराल वालों से अनुमति ली थी और त्यागी भी इस यात्रा में उनके साथ शामिल हैं। जुलूस में उन्हें देखने के बाद दूसरे भक्तों ने उत्साह के साथ उनका स्वागत भी किया। बता दें कि कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों भक्त मुजफ्फरनगर जिले से होकर गुजर र