लखनऊ। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने का बड़ा दांव चला है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने किसान, महिला, ओबीसी, अनुसूचित और अनुसूचित जनजाति मोर्चों के प्रदेश पदाधिकारियों की सूची जारी कर दी है, जिसमें क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर विशेष जोर दिया गया है।
किसानों से महिलाओं तक, हर वर्ग को जगह
किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी की टीम में चार महामंत्री और 12 उपाध्यक्ष समेत 43 पदाधिकारी बनाए गए हैं। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा की टीम में दो महामंत्री, 12 उपाध्यक्ष समेत 36 पदाधिकारी हैं। ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने 40 सदस्यीय टीम बनाई है, जबकि अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद अशोक रावत ने 43 सदस्यों की टीम घोषित की है। अनुसूचित जनजाति मोर्चा की कमान विद्याभूषण गोंड के पास है, जिनकी टीम में भी 43 सदस्य हैं।
उमेश पाल की पत्नी जया को बड़ी जिम्मेदारी
सबसे ज्यादा चर्चा उमेश पाल की पत्नी जया पाल को मिली जिम्मेदारी की हो रही है। प्रयागराज में अतीक अहमद के गुर्गों द्वारा मारे गए उमेश पाल की पत्नी को बीजेपी ओबीसी मोर्चा में प्रदेश मंत्री बनाया गया है। वहीं अल्पसंख्यक मोर्चे की कमान अनस साजिद उस्मानी को सौंपी गई है। सभी मोर्चों ने गोरखपुर, काशी, अवध, ब्रज, पश्चिम और कानपुर — छह संगठनात्मक क्षेत्रों के क्षेत्रीय अध्यक्षों की भी घोषणा कर दी है। पार्टी का कहना है कि चुनावी वर्ष को देखते हुए पिछली बार से ज्यादा चेहरों को टीम में स्थान दिया गया है।