देहरादून। राजधानी की हवा दिन-ब-दिन जहरीली होती जा रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक देहरादून का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 151 के स्तर पर पहुंच गया है, जो ‘अस्वस्थ’ श्रेणी में आता है। सुबह के समय शहर में हल्की धुंध की चादर भी देखी जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक अक्टूबर में मानसून की विदाई के साथ ही उत्तर भारत में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगता है। तापमान में उतार-चढ़ाव और हवा की धीमी रफ्तार प्रदूषकों को जमीन के पास ही रोक देती है। आने वाले हफ्तों में पंजाब-हरियाणा में पराली जलने का सीजन शुरू होगा, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
क्या करें, क्या न करें
दमे, सांस और हृदय रोग के मरीज, बुजुर्ग और बच्चे सुबह-शाम की सैर से बचें। बाहर निकलना जरूरी हो तो मास्क पहनें। घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और खिड़की-दरवाजे बंद रखें।
चिकित्सकों की सलाह है कि आंखों में जलन, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। वाहनों का इस्तेमाल कम से कम करें और कूड़ा न जलाएं — साफ हवा सबकी जिम्मेदारी है।