उत्तरकाशी/देहरादून: उत्तराखंड के पहाड़ी और दुर्गम ट्रैकिंग रूटों पर हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। सीमांत जिले उत्तरकाशी में ट्रैकिंग के दौरान नैनीताल की एक युवती के रहस्यमय तरीके से लापता होने की दुखद खबर सामने आई है। घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी रेस्क्यू टीमों को युवती का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें बेहद कठिन परिस्थितियों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
ट्रैकिंग के दौरान समूह से हुई बिछड़ प्राप्त जानकारी के अनुसार, नैनीताल की रहने वाली यह युवती अपने साथियों के साथ उत्तरकाशी के एक प्रसिद्ध और ऊंचे ट्रैकिंग रूट पर आई हुई थी। ट्रैकिंग के दौरान अचानक रास्ता भटकने या पैर फिसलने के कारण वह अपने समूह से बिछड़ गई। साथियों द्वारा काफी तलाश करने के बाद भी जब उसका कुछ पता नहीं चला, तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम को दी।
NDRF की मुस्तैदी और हाई-टेक ड्रोन से तलाशी घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए शासन के निर्देश पर एनडीआरएफ (NDRF) की एक्सपर्ट टीम को तुरंत रेस्क्यू के लिए रवाना किया गया।
- पिछले 3 दिनों से रेस्क्यू टीम के जवान घने जंगलों, गहरी खाइयों और संभावित रास्तों पर खाक छान रहे हैं।
- पहाड़ी क्षेत्र के अत्यधिक संकरे और दुर्गम होने के कारण अब तलाशी अभियान में हाई-टेक ड्रोन्स (Drones) की मदद ली जा रही है। ड्रोन कैमरों के जरिए उन गहरी खाइयों और घने जंगलों के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है, जहां इंसानों का तुरंत पहुंचना बेहद जोखिम भरा और नामुमकिन है।
कठिन भौगोलिक परिस्थितियां बनीं बाधा उत्तरकाशी के इस ऊंचाई वाले क्षेत्र में अचानक बदलते मौसम, अत्यधिक धुंध (Fog) और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, जिला प्रशासन का कहना है कि जब तक लापता युवती का सुराग नहीं मिल जाता, सर्च ऑपरेशन पूरी मुस्तैदी से जारी रहेगा। युवती के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है, जिसके बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।