देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में शनिवार को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड (POP) के साथ ही भारतीय सेना को 515 नए और जांबाज सैन्य अधिकारी मिल गए हैं। ऐतिहासिक चेटवुड बिल्डिंग के सामने ड्रिल स्क्वायर पर ‘अंतिम पग’ (Antim Pag) पार करते ही ये जेंटलमैन कैडेट्स (GCs) बतौर लेफ्टिनेंट सेना का अहम हिस्सा बन गए। देश की राष्ट्रपति और तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने बतौर मुख्य अतिथि (रिव्यूइंग ऑफिसर) इस शानदार परेड की सलामी ली और युवा अफसरों में जोश भरा।
शानदार मार्च पास्ट और राष्ट्रपति का संबोधन शनिवार सुबह सेना के बैंड की देशभक्ति धुनों के बीच कैडेट्स ने शानदार कदमताल के साथ मार्च पास्ट किया। उनकी अनुशासित और कदम-से-कदम मिलाती ड्रिल ने वहां मौजूद हर शख्स का मन मोह लिया। परेड का निरीक्षण करने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवा सैन्य अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कैडेट्स को उनकी कड़ी मेहनत और सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि आज से उनके कंधों पर देश की सीमाओं की सुरक्षा और मातृभूमि की रक्षा की अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये युवा अधिकारी भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा और अदम्य साहस को और ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
‘अंतिम पग’ और आसमान से पुष्पवर्षा परेड का सबसे ऐतिहासिक और रोंगटे खड़े कर देने वाला क्षण वह था, जब 515 जेंटलमैन कैडेट्स ने गर्व के साथ ऐतिहासिक ‘अंतिम पग’ की शिला पर अपने कदम रखे। इस एक कदम के साथ ही उनका अकादमी का कड़ा और थका देने वाला प्रशिक्षण पूरा हो गया। जैसे ही कैडेट्स ने अंतिम पग पार किया, आसमान से सेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा उन पर गुलाब के फूलों की भव्य पुष्पवर्षा की गई, जिसने पूरे माहौल को अलौकिक बना दिया।
भावुक कर देने वाली ‘पीपिंग सेरेमनी’ परेड के समापन के बाद मैदान पर ‘पीपिंग सेरेमनी’ (Piping Ceremony) का आयोजन हुआ, जो भावनाओं से ओत-प्रोत था। जब देश के कोने-कोने से आए माता-पिता और परिजनों ने अपने बेटों के कंधों पर लेफ्टिनेंट पद के सितारे (Stars) सजाए, तो उनकी आंखों से खुशी और गर्व के आंसू छलक पड़े। अपने बेटे को एक सैन्य अधिकारी की शानदार वर्दी में देखकर हर माता-पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।
गले मिलकर मनाया जश्न कंधों पर सितारे सजने के बाद युवा सैन्य अधिकारियों ने हवा में अपनी कैप उछालकर जश्न मनाया। ट्रेनिंग के दौरान हर सुख-दुख में साथ रहे इन युवा अफसरों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी और देश की सेवा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इन 515 अधिकारियों में भारतीय कैडेट्स के साथ-साथ मित्र राष्ट्रों के कैडेट्स भी शामिल हैं, जिन्होंने यहां से सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
आईएमए के आस-पास का पूरा इलाका आज देशभक्ति के जज्बे, सैन्य धुनों और परिजनों की खुशी से गुंजायमान रहा।