Uttarakhand Monsoon Update-उत्तराखंड में मानसून के दूसरे दिन 52 रास्ते बंद: पिथौरागढ़ में उफान पर काली नदी, पूरे प्रदेश में बारिश

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Uttarakhand Monsoon Update-उत्तराखंड में मानसून की दस्तक के दूसरे ही दिन बारिश का असर साफ दिखाई देने लगा है। लगातार हो रही बारिश से पहाड़ से लेकर मैदान तक जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जिलों में सड़क संपर्क बाधित हुआ है और राज्यभर में कुल 52 रास्ते बंद होने की सूचना है। उधर, पिथौरागढ़ में काली नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है, जबकि बागेश्वर में बोल्डर गिरने की घटनाओं ने आवाजाही को प्रभावित किया है।

बारिश का असर सिर्फ पर्वतीय इलाकों तक सीमित नहीं रहा। देहरादून, नैनीताल, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में लगातार बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक मानसून के और सक्रिय रहने के संकेत दिए हैं और प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है।

पिथौरागढ़ में उफान पर काली नदी, संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर

लगातार बारिश के कारण पिथौरागढ़ में काली नदी का जलस्तर बढ़ गया है। प्रशासन नदी किनारे बसे इलाकों की निगरानी कर रहा है। स्थानीय स्तर पर लोगों से सावधानी बरतने और नदी के पास अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की गई है।

बारिश बढ़ने के साथ नालों और छोटी नदियों में भी जलस्तर बढ़ने की सूचना है, जिससे निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोग सतर्क बने हुए हैं।

बागेश्वर में बोल्डर गिरने से मार्ग प्रभावित

बागेश्वर जिले में पहाड़ी क्षेत्र में बोल्डर गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर सड़कों पर मलबा आने की भी सूचना है। संबंधित विभागों की टीमें रास्तों को खोलने के लिए मौके पर जुटी हुई हैं।

प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता बंद मार्गों को जल्द चालू करने और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बनाए रखने की है।

सभी जिलों में बारिश, मौसम विभाग ने दी सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ जिलों के लिए चेतावनी भी जारी की गई है। प्रशासन ने लोगों से मौसम अपडेट पर नजर रखने, पहाड़ी यात्रा में सतर्कता बरतने और खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

मानसून की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड में राहत और चुनौती दोनों साथ-साथ दिखाई देने लगी हैं। जहां बारिश से गर्मी से राहत मिली है, वहीं पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बंद होने जैसी समस्याएं भी सामने आने लगी हैं।