Uttarakhand News: देहरादून। उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विकास को नई रफ्तार दी है। सीएम धामी ने राज्य की विभिन्न महत्वपूर्ण विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों के लिए करीब 99 करोड़ रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही, राज्य के नागरिकों और कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए ‘गोल्डन कार्ड’ योजना के तहत अलग से 75 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट भी जारी कर दिया गया है।
इन क्षेत्रों को मिलेगा बजट का सीधा लाभ
मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत किए गए इस 99 करोड़ रुपये के बजट का बड़ा हिस्सा राज्य की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में खर्च किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों को लाभ मिलेगा:
- स्वास्थ्य सेवाएं (Healthcare): अस्पतालों में बुनियादी ढांचे का विस्तार और आधुनिक उपकरण।
- सड़क एवं परिवहन: दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों और मैदानी इलाकों में सड़कों व पुलों का निर्माण व सुदृढ़ीकरण।
- बिजली एवं पर्यटन: बिजली आपूर्ति की व्यवस्था में सुधार और पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर विकसित करना।
- धार्मिक स्थलों का विकास: उत्तराखंड के पौराणिक और धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार।
गोल्डन कार्ड के लिए ₹75 करोड़ जारी, स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी राहत
धामी सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और आम लाभार्थियों को इलाज में किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने के लिए एक बड़ा संवेदनशील कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत गोल्डन कार्ड योजना के सुचारू संचालन के लिए ₹75 करोड़ जारी किए हैं। इस राशि से कार्ड धारकों को विभिन्न सूचीबद्ध (Empaneled) अस्पतालों में कैशलेस और कैश-मुक्त इलाज की सुविधा निर्बाध रूप से मिलती रहेगी।
मंजूर किए गए बजट की मुख्य बातें (एक नज़र में):
| योजना / परियोजना का क्षेत्र | स्वीकृत धनराशि | मुख्य उद्देश्य |
| समग्र विकास परियोजनाएं | करीब ₹99 करोड़ | सड़क, बिजली, परिवहन, पर्यटन और बुनियादी ढांचा |
| गोल्डन कार्ड (स्वास्थ्य) | ₹75 करोड़ (अतिरिक्त) | कर्मचारियों व लाभार्थियों को कैशलेस इलाज की सुविधा |
‘विकसित उत्तराखंड’ का मार्ग होगा प्रशस्त
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि बजट की कमी के कारण राज्य का कोई भी विकास कार्य या जनकल्याणकारी योजना रुकनी नहीं चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग समयबद्ध तरीके से और पूरी पारदर्शिता के साथ धरातल पर किया जाए। सरकार और संबंधित विभागों के इस तालमेल से राज्य में रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता को भी एक नया बल मिलेगा और राज्य का समग्र विकास और तेजी से होगा।