uttarakhand news देहरादून: सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, उत्तराखण्ड के मुख्यालय में आज एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह अवसर था विभाग के वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी, सहायक निदेशक श्री ललिता प्रसाद भट्ट के सेवानिवृत्त (Retirement) होने का। इस मौके पर विभाग के तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके दीर्घ, समर्पित और उत्कृष्ट शासकीय सेवाकाल को याद करते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी।
शॉल और स्मृति चिन्ह देकर किया गया सम्मानित कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने श्री भट्ट को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह (Memento) भेंट कर सम्मानित किया। सभी ने एक स्वर में उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल भविष्य की कामना की।
अधिकारियों ने साझा किए अनुभव और दी शुभकामनाएं विदाई समारोह को संबोधित करते हुए विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने श्री भट्ट के कार्य और व्यवहार की जमकर सराहना की:
- अपर निदेशक श्री आशिष कुमार त्रिपाठी: उन्होंने कहा कि श्री ललिता प्रसाद भट्ट ने अपने सेवाकाल के दौरान कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और सरल व्यवहार का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया। उनके अनुभव और सहयोगात्मक दृष्टिकोण से विभाग को सदैव लाभ मिला है। उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत रहेगा।
- संयुक्त निदेशक श्री के.एस. चौहान: श्री भट्ट के साथ उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड दोनों राज्यों में काम करने के अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग की वास्तविक पूंजी उसके कर्मठ और अनुभवी कार्मिक होते हैं। विभाग में श्री भट्ट का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
- संयुक्त निदेशक डॉ. नितिन उपाध्याय: उन्होंने कहा कि श्री भट्ट ने हमेशा एक कुशल एवं जिम्मेदार अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई और विभागीय उद्देश्यों की पूर्ति में उनका अहम योगदान रहा।
- उप निदेशक श्री रवि विजारनिया: उन्होंने और अन्य कर्मचारियों ने श्री भट्ट के सौम्य व्यक्तित्व, कार्यकुशलता और सहयोगी स्वभाव की सराहना करते हुए उनके साथ बिताए गए पलों को याद किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ वित्त अधिकारी श्रीमती शशि सिंह, श्री बद्री चंद सहित विभाग के कई अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
“विभाग में बिताया समय जीवन की अमूल्य धरोहर” अपने विदाई संबोधन में भावुक होते हुए श्री ललिता प्रसाद भट्ट ने सभी विभागीय अधिकारियों और सहकर्मियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सूचना विभाग में बिताया गया उनका सेवाकाल उनके जीवन की एक अमूल्य धरोहर रहेगा। विभागीय सहयोग, आत्मीयता और शानदार ‘टीम भावना’ ने ही उन्हें हमेशा बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।