Uttarakhand Weather Alert-पहाड़ों पर मौसम ने एक बार फिर से अपनी चाल बदल ली है। मैदानी इलाकों में जहां एक तरफ चिलचिलाती धूप और उमस ने लोगों के पसीने छुड़ा रखे हैं, वहीं उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों से एक बेहद राहत भरी खबर सामने आ रही है। ताजा Uttarakhand Weather Alert के मुताबिक, नैनीताल और देहरादून सहित राज्य के 8 प्रमुख जिलों में बारिश और तेज हवाओं की प्रबल संभावना जताई गई है। असल में, पहाड़ों पर सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से मौसम का यह मिजाज अचानक बदला है, जिसके चलते उत्तरकाशी में ओले गिरने से तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई है।
दरअसल, पिछले कई दिनों से मॉनसून की पहली फुहार का बेसब्री से इंतजार कर रहे स्थानीय लोगों को इस प्री-मॉनसून हलचल ने बड़ी राहत दी है। मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा रिपोर्ट की मानें तो प्रदेश के 8 शहरों में बीते 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बौछारें पड़ी हैं। इस अचानक हुए मौसमी बदलाव ने जहां एक तरफ पहाड़ों की वादियों में दोबारा हल्की ठंडक घोल दी है, वहीं गर्मी से बचने के लिए वहां पहुंचे पर्यटकों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे हैं।
इन 8 जिलों के लिए मौसम विभाग का यलो अलर्ट
मौसम के बदलते तेवर को देखते हुए मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, देहरादून, टिहरी, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों के लिए आधिकारिक तौर पर यलो अलर्ट जारी कर दिया है। बताया जा रहा है कि इन 8 जिलों में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रह सकता है। इस दौरान कहीं-कहीं तेज गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गंभीर आशंका जताई गई है। साथ ही, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज झोंकेदार हवाएं भी आम जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बीती शाम उत्तरकाशी के कुछ हिस्सों में अचानक काले बादल छा गए और फिर तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने मौसम को काफी सर्द बना दिया। वहां गिरे ओलों ने न सिर्फ चिलचिलाती गर्मी से फौरी राहत दी है, बल्कि अचानक बदले इस मौसम से सेब और अन्य पहाड़ी फसलों को लेकर किसानों की चिंताएं थोड़ी बढ़ा दी हैं। वहीं, अगर राजधानी देहरादून और झीलों के शहर नैनीताल की बात करें, तो यहां भी आसमान में बादलों ने अपना डेरा डाल लिया है और ठंडी हवाओं के चलने का सिलसिला लगातार जारी है।
मैदानी इलाकों का क्या है हाल?
पहाड़ों पर भले ही बदरा मेहरबान हो रहे हों, लेकिन मैदानी जिलों का हाल अभी भी बेहाल ही है। हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और हल्द्वानी जैसे मैदानी क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह से शुष्क और गर्म बना हुआ है। तीखी धूप और चिपचिपी उमस ने यहां लोगों का दिन के वक्त घर से निकलना लगभग नामुमकिन कर दिया है। पंतनगर और आसपास के इलाकों में तो पारा 38 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया है।
असल में, मौसम का यह विरोधाभास उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति का एक सामान्य हिस्सा है। एक ही राज्य में जहां ऊंचाई वाले इलाकों में लोग शाम होते ही हल्के गर्म कपड़े निकालने को मजबूर हो रहे हैं, वहीं चंद किलोमीटर नीचे मैदानी इलाकों में एसी और कूलर भी इस भीषण गर्मी के आगे फेल साबित हो रहे हैं। मौसम विभाग के अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि मैदानी क्षेत्रों में फिलहाल अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर ही रहेगा और वहां झमाझम बारिश के लिए लोगों को अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।
प्रशासन की अपील और यात्रियों के लिए विशेष सलाह
पर्वतीय क्षेत्रों में हो रहे इस त्वरित मौसमी बदलाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी पूरी तरह से कमर कस ली है। विशेषकर चारधाम यात्रा रूट पर सफर कर रहे श्रद्धालुओं और वीकेंड पर पहाड़ों का रुख कर रहे पर्यटकों से अपील की गई है कि वे मौसम का ताजा अपडेट लेकर ही अपनी आगे की यात्रा प्लान करें। खराब मौसम, पेड़ों के गिरने, तेज आंधी और आकाशीय बिजली के संभावित खतरे को देखते हुए राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग को भी चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड का मौसम इस वक्त यात्रियों और स्थानीय निवासियों के साथ आंख-मिचौली खेल रहा है। अगर आप भी अगले कुछ दिनों में नैनीताल, मसूरी, धनौल्टी या किसी अन्य हिल स्टेशन की ओर घूमने का मन बना रहे हैं, तो एहतियात के तौर पर अपने साथ छाता और हल्के गर्म कपड़े ले जाना बिल्कुल न भूलें।