पिथौरागढ़ में सबसे ज्यादा बरसे बदरा; मौसम विभाग ने तेज अंधड़ और ओलावृष्टि की जारी की सख्त चेतावनी
देहरादून/पिथौरागढ़।
उत्तराखंड में मानसून और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम ने रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने राज्य के तीन जिलों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य सात जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान पर्वतीय और मैदानी इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी तेज हवाएं (अंधड़) चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
पिथौरागढ़ में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान सीमांत जिले पिथौरागढ़ में सबसे ज्यादा बौछारें पड़ी हैं, जिससे वहां के नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। पिथौरागढ़ के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और पहाड़ी मार्गों पर मलबा आने से यातायात भी प्रभावित हुआ है।
जिलों के अनुसार मौसम का हाल
- 3 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट: पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली में अगले 48 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
- 7 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, देहरादून, अल्मोड़ा, नैनीताल और चम्पावत में ओलावृष्टि और तेज अंधड़ को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बारिश के साथ-साथ राज्य के मैदानी और कम ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झक्कड़ (अंधड़) चलने की संभावना है। इससे कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है।
प्रशासन की अपील: यात्रा टालें, सुरक्षित स्थानों पर रहें
भारी बारिश और तेज हवाओं के मद्देनजर आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और राहत टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। भूस्खलन (Landslide) की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे फिलहाल खराब मौसम में यात्रा करने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही ठहरें। स्थानीय लोगों को भी उफनते नदी-नालों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।