मुरादाबाद में नहीं थम रहा तेंदुओं का आतंक: मलकपुर सेमली में एक ही दिन में 2 लोगों पर हमला, इलाके में मची दहशत

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मुरादाबाद (ठाकुरद्वारा/डिलारी)। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में तेंदुओं का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। वन विभाग द्वारा दो तेंदुओं के सफल रेस्क्यू के बाद भी ग्रामीण इलाकों में खौफ का साया बरकरार है। मंगलवार को तहसील ठाकुरद्वारा के डिलारी ब्लॉक क्षेत्र स्थित ग्राम मलकपुर सेमली में एक तेंदुए ने दिनदहाड़े दो ग्रामीणों पर अलग-अलग समय पर जानलेवा हमला कर दिया। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है और लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं।

एक ही दिन में दो हमले, दोनों जिला अस्पताल रेफर

पहली घटना मंगलवार दोपहर लगभग 12 बजे की है, जब 20 वर्षीय पुष्पेंद्र सिंह (पुत्र अमर सिंह) अपने खेत की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे तेंदुए ने उन पर अचानक हमला कर दिया। इस घटना के कुछ घंटों बाद ही, शाम करीब 6 बजे तेंदुए ने 50 वर्षीय किसान नन्हे (पुत्र अलीम) को भी अपना शिकार बनाते हुए गंभीर रूप से घायल कर दिया।

हमलों पर एक नज़र (Quick Facts):

विवरणजानकारी
घटनास्थलग्राम मलकपुर सेमली, डिलारी ब्लॉक (ठाकुरद्वारा)
घायल (पहला हमला)पुष्पेंद्र सिंह (उम्र 20 वर्ष) – दोपहर 12 बजे
घायल (दूसरा हमला)नन्हे (उम्र 50 वर्ष) – शाम 6 बजे
अस्पताल/इलाजसीएचसी डिलारी से जिला चिकित्सालय रेफर
ग्रामीणों की मांगहर गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाएं

CHCs में प्राथमिक उपचार के बाद भेजे गए मुरादाबाद

पहले हमले में घायल पुष्पेंद्र को परिजनों ने और दूसरे हमले में घायल किसान नन्हे को स्थानीय पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए सीएचसी (CHC) डिलारी में भर्ती कराया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संदीप कुमार, डॉ. आशीष कुमार, डॉ. वरुण और सतीश कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। हालांकि, दोनों की गंभीर चोटों को देखते हुए उन्हें 108 एंबुलेंस की मदद से बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया है।

खौफ के साये में ग्रामीण, एकजुट होकर जा रहे जंगल

ठाकुरद्वारा क्षेत्र में एक ही दिन में दो लोगों पर तेंदुए के हमले की इस घटना ने वन विभाग की चिंताओं को भी बढ़ा दिया है। इससे पहले वन विभाग की टीम इसी तहसील क्षेत्र से दो तेंदुओं का रेस्क्यू कर चुकी है। ग्रामीणों का साफ तौर पर अनुमान है कि जंगल में तेंदुओं की संख्या अभी भी काफी अधिक है। दो दिन पूर्व ही ग्राम सरकड़ा विश्नोई के जंगल में घास काटने गई महिलाओं ने भी एक तेंदुआ देखा था।

डिलारी क्षेत्र के सभी ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं और बच्चों में इन हमलों को लेकर भारी भय का माहौल है। ग्रामीण सुरक्षा की दृष्टि से अब अकेले बाहर निकलने से कतरा रहे हैं और जंगल या खेतों में जाने के लिए एकजुट होने को मजबूर हैं। क्षेत्रवासियों ने वन विभाग और प्रशासन से गुहार लगाई है कि तेंदुओं को पकड़ने के लिए सभी गांवों में जगह-जगह पिंजरे लगाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।