मुरादाबाद गागन नदी हादसा: एक्शन में मंडलायुक्त, 15 दिन में सुरक्षित पुल बनाने का अल्टीमेटम, असुरक्षित रास्ते पर लगाई रोक

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मुरादाबाद: शुक्रवार शाम मुरादाबाद के चौधरपुर (मलंगदत्ता) में गागन नदी पर बने कच्चे पुल से गिरकर हुए दर्दनाक हादसे के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। स्थानीय लोगों की सुरक्षा को देखते हुए शनिवार को मुरादाबाद की मंडलायुक्त (Divisional Commissioner) संगीता सिंह ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई।

15 दिन में बनेगा सुरक्षित अस्थायी पुल, पुराने रास्ते पर बैन

मंडलायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि जब तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक स्थानीय लोगों की सुरक्षा ही सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने मौके से ही कड़े निर्देश जारी किए:

  • आवागमन पर रोक: दुर्घटना वाले असुरक्षित और कच्चे रास्ते से लोगों का आवागमन तत्काल प्रभाव से पूरी तरह से रोक दिया जाए।
  • 15 दिन का अल्टीमेटम: एसडीएम सदर, पीडब्ल्यूडी (PWD) और सेतु निगम के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर 15 दिन के भीतर एक सुरक्षित अस्थायी सेतु (Temporary Bridge) तैयार करने का सख्त अल्टीमेटम दिया गया है।

स्थायी (पक्के) पुल की कवायद हुई तेज

निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर ने मंडलायुक्त को अवगत कराया कि गागन नदी पर स्थायी पुल के निर्माण की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा मार्च 2026 में ही मुख्य अभियंता (सेतु), लखनऊ को इसका प्रस्ताव भेजा गया था। इसके बाद जून 2026 में संशोधित प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है। इस पर मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लखनऊ स्तर पर इस प्रस्ताव की प्रभावी पैरवी की जाए ताकि जल्द से जल्द इसे स्वीकृति मिल सके।

रेस्क्यू में मदद करने वाले ग्रामीण होंगे सम्मानित

हादसे के दौरान प्रशासन से पहले मौके पर पहुंचकर अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में कूदकर लोगों को बचाने वाले स्थानीय लोगों की मंडलायुक्त ने जमकर तारीफ की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत और बचाव कार्य में सहयोग करने वाले ऐसे सभी स्थानीय ग्रामीणों को चिह्नित कर उन्हें सम्मानित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर, पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण एवं अधिशासी अभियंता और परियोजना प्रबंधक सेतु निगम सहित कई अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें निर्माण कार्य की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा गया है।