मुरादाबाद: दिल्ली रोड स्थित बाल कल्याण समिति (CWC) कार्यालय में गुरुवार को उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब 17 साल की एक किशोरी 50 वर्षीय मौलाना से निकाह करने की जिद पर अड़ गई। एक तरफ बेबस मां अपनी बेटी को घर ले जाने की कोशिश कर रही थी, तो दूसरी तरफ गाजियाबाद का रहने वाला मौलाना राशिद हुसैन उसे अपने साथ ले जाने पर आमादा था। करीब एक घंटे तक चले इस ड्रामे में किशोरी का रुख भी बार-बार बदलता रहा, वह कभी परिजनों के साथ तो कभी मौलाना के साथ जाने की जिद करती रही।
जानकारी के अनुसार, कुंदरकी की रहने वाली यह किशोरी 20 सितंबर की सुबह अचानक घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने मौलाना राशिद पर तंत्र-मंत्र के जरिए किशोरी को वश में करने, अगवा करने और गाजियाबाद ले जाकर कोर्ट मैरिज कराने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कुंदरकी थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। तीन दिन पहले किशोरी खुद कुंदरकी थाने पहुंची और उसने पुलिस के सामने मौलाना से प्रेम करने और उसी से निकाह करने की इच्छा जताकर सबको हैरत में डाल दिया।
गुरुवार को CWC कार्यालय में जब किशोरी को काउंसलिंग के लिए लाया गया, तो दोनों पक्षों का आमना-सामना हो गया। आरोप है कि मौलाना ने किशोरी की मां के साथ छीनाझपटी की और उसे जबरन ले जाने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद विवेचक और पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठे। आखिरकार CWC अध्यक्ष अमित कौशल को कड़ा हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद जाकर स्थिति नियंत्रण में आई।
इस पूरे मामले में किशोरी की उम्र को लेकर भी कानूनी पेंच फंसा हुआ है। कुंदरकी थाना प्रभारी हम्बीर सिंह के मुताबिक, मेडिकल जांच में किशोरी को बालिग बताया गया है, लेकिन बाल कल्याण समिति के पास मौजूद दस्तावेजों के आधार पर उसे नाबालिग (17 वर्ष) माना जा रहा है।
समिति के समक्ष हुई काउंसलिंग में किशोरी ने अपने साथ किसी भी तरह के शोषण से साफ इनकार किया। घंटों चले हंगामे और समिति द्वारा सख्ती से समझाने-बुझाने के बाद आखिरकार वह अपने माता-पिता के साथ घर जाने को राजी हो गई। हालांकि, किशोरी के बदलते बयानों और 50 वर्षीय मौलाना के साथ उसके संपर्क ने इस पूरे मामले को बेहद पेचीदा बना दिया है।