चंडीगढ़। हरियाणा के किसानों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ी कामयाबी हासिल की है। राज्य के एक किसान उत्पादक संगठन (FPO) ने 24 मीट्रिक टन फ्रोजन फूड की खेप कनाडा भेजी है, जिसमें हरी मटर और समोसे जैसे उत्पाद शामिल हैं। यह निर्यात कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपेडा) के सहयोग से संभव हुआ।
छोटे किसानों के लिए बड़ी राहत
एफपीओ यानी किसान उत्पादक संगठन छोटे किसानों को एक मंच पर जोड़कर उनकी उपज को बेहतर दाम दिलाने का काम करते हैं। इस खेप से साफ है कि हरियाणा के किसान अब सिर्फ मंडियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विदेशी बाजारों में भी अपनी पकड़ बना रहे हैं। फ्रोजन फूड का निर्यात किसानों को स्थिर और प्रीमियम दाम दिलाने का रास्ता खोलता है।
एपेडा की अहम भूमिका
एपेडा निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच में मदद करता है। अधिकारियों के मुताबिक इस तरह के प्रयासों से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ भारत के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को भी मजबूती मिलती है।
आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे निर्यात सौदे हरियाणा के लिए मॉडल बन सकते हैं — जहां किसान समूह बनाकर सीधे विदेशी खरीदारों से जुड़ें। अगर यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले समय में और भी एफपीओ अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख करेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

