शिमला, 5 अक्टूबर: हफ़्ते के आख़िर में हिमाचल की राजधानी शिमला की ओर उमड़े सैलानियों के सैलाब ने कालका-शिमला-कुफ़री-नारकंडा राजमार्ग पर भारी जाम लगा दिया। महज़ 36 घंटों में चंडीगढ़, दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, पंजाब और हरियाणा के नंबर प्लेट वाली 7,000 से ज़्यादा गाड़ियां परवाणू बॉर्डर से पहाड़ों की ओर बढ़ीं, जिससे नेशनल हाईवे-5 पर गाड़ियां रेंगने लगीं।
धरमपुर, सोलन और विक्ट्री टनल जंक्शन के आसपास ट्रैफिक लगभग थम गया, जबकि शहर के मल्टी-लेवल पार्किंग प्लाज़ा में दोपहर से पहले ही “फुल” के बोर्ड लग गए। होटल और कैफ़े मालिकों के लिए यह भीड़ भले ही कमाई का मौका रही हो, लेकिन सैलानियों के लिए यह किसी मुसीबत से कम नहीं थी। सोशल मीडिया पर यात्री अपनी परेशानी बयां करते दिखे — एक यात्री ने लिखा कि धरमपुर से सोलन के 22 किलोमीटर का सफ़र तय करने में पांच घंटे लग गए।
स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि भीड़ से बचने के लिए कंडाघाट से चायल-साधुपुल के रास्ते वैकल्पिक मार्ग अपनाएं, जो सोलन-विक्ट्री टनल की बाधा को पूरी तरह दरकिनार करता है और सीधे मशोबरा या छोटा शिमला पहुंचाता है। जानकारों का कहना है कि पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर वीकेंड भीड़ अब नई सामान्य स्थिति बनती जा रही है, और यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट ज़रूर देख लें।

