Uttarakhand Government Advertisement

Kanya Pujan Vidhi 2026: Ashtami-Navami पर 9 कन्याओं की पूजा — Bhog और Dakshina के नियम

Uttarakhand Government Advertisement
ताजा खबरों का अपडेट लेने के लिये ग्रुप को ज्वाइन करें Join Now

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर: शारदीय नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि कन्या पूजन के लिए सबसे शुभ मानी जाती है। वर्ष 2026 में अष्टमी-नवमी एक ही दिन 19 अक्टूबर, सोमवार को पड़ रही है, इसलिए इसी दिन कन्या पूजन किया जाएगा। मान्यता है कि 2 से 10 वर्ष तक की कन्याओं में नवदुर्गा के नौ रूपों का वास होता है।

परंपरा के अनुसार दो वर्ष की कन्या में कुमारी, तीन वर्ष में त्रिमूर्ति, चार में कल्याणी, पांच में रोहिणी, छह में कालिका, सात में चंडिका, आठ में शाम्भवी, नौ में दुर्गा और दस वर्ष की कन्या में सुभद्रा का रूप माना जाता है। पूजन से पहले कन्याओं के पैर धोकर उन्हें स्वच्छ आसन पर बिठाया जाता है।

इसके बाद कन्याओं के माथे पर रोली-चावल का तिलक लगाकर चुनरी ओढ़ाई जाती है। भोग में हलवा, पूरी और काले चने का प्रसाद परोसा जाता है। पूजन के अंत में यथाशक्ति दक्षिणा और उपहार देकर कन्याओं का आशीर्वाद लिया जाता है। कई परिवारों में एक बालक को भी भैरव रूप में बिठाने की परंपरा है। मान्यता है कि कन्या पूजन से देवी दुर्गा प्रसन्न होकर घर में सुख-शांति का वास कराती हैं। स्रोत: धार्मिक मान्यता और लोक परंपरा