नई दिल्ली, 9 अक्टूबर: धान की सरकारी खरीद शुरू होते ही हरियाणा-यूपी बॉर्डर पर तनाव बढ़ गया है। खबरों के मुताबिक हरियाणा के अधिकारियों ने मेरठ-करनाल हाईवे पर बिड़ौली के पास झिंझाना थाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश से धान लेकर जा रहे ट्रकों को रोक दिया है। रात से ही ट्रकों की लंबी कतारें लगी हैं और ड्राइवरों को आगे जाने की अनुमति का इंतजार है।
इस रोक के पीछे दोनों राज्यों में धान के भाव का बड़ा अंतर बताया जा रहा है — हरियाणा में धान का भाव उत्तर प्रदेश से लगभग ₹1,000 से ₹1,400 प्रति क्विंटल ज्यादा है। इसी वजह से यूपी के किसान अपना धान हरियाणा की मंडियों में बेचना पसंद कर रहे हैं, जिससे खरीद सीजन शुरू होते ही सीमा पर धान वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है।
वहीं, यूपी के अधिकारियों का कहना है कि उनकी तरफ से किसानों के वाहनों को नहीं रोका जा रहा। एसडीएम (ऊन) दीपिका मेहर के अनुसार बासमती धान के वाहनों को नहीं रोका गया है — केवल मोटे धान के व्यापारी वाहनों पर रोक है, किसानों के वाहन नहीं रोके जा रहे। पृष्ठभूमि में, केंद्र सरकार ने खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए 708.64 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया है।
स्रोत: न्यूज़ रिपोर्ट्स, 8 अक्टूबर 2026

