नई दिल्ली, 10 अक्टूबर: दिवाली 2026 में पटाखे जला सकेंगे या नहीं — इस सवाल का अंतिम जवाब 15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई में मिलेगा। 30 सितंबर 2026 को जस्टिस एम.एम. सुंदरेश की बेंच ने साफ कहा था कि न तो पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा, न ही 24 घंटे पटाखे जलाने की इजाजत मिलेगी। अदालत ने कहा कि पटाखे जलाने के लिए एक “निर्धारित समय” तय किया जाएगा।
अब तक क्या तय हुआ है? कोर्ट ने अगली पीढ़ी के जॉइंट ग्रीन पटाखों (लड़ी/लर्री) को शर्तों के साथ अनुमति देने का रुझान दिखाया है — इनमें शोर की सीमा 125 dB(A) और प्रतिबंधित रसायन न होने जैसी शर्तें होंगी। बेरियम वाले पटाखों पर CPCB की रिपोर्ट 15 अक्टूबर तक आनी है, जिसके बाद अनुमत श्रेणियों की अंतिम सूची बनेगी। दिल्ली-NCR में पटाखों की बिक्री पर रोक जारी है और ऑनलाइन बिक्री पर भी प्रतिबंध है। 2025 में भी कोर्ट ने QR कोड वाले NEERI-अनुमोदित ग्रीन पटाखों की सीमित अनुमति दी थी।
आम लोगों के लिए इसका मतलब: दिवाली पर पटाखे खरीदने से पहले 15 अक्टूबर के फैसले का इंतजार करें; सिर्फ QR कोड वाले प्रमाणित ग्रीन पटाखे ही लें और तय समय में ही जलाएं। बिना प्रमाणन वाले या बेरियम युक्त पटाखे बेचना और जलाना दोनों गैरकानूनी रहेंगे।
स्रोत: Bar and Bench, LawBeat (30 सितंबर – 10 अक्टूबर 2026)

