नई दिल्ली, 14 अक्टूबर: दीवाली 2026 से ठीक पहले पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार, 15 अक्टूबर को अहम सुनवाई होनी है, जो निर्णायक मानी जा रही है। CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने हाल की सुनवाई में कहा कि कोड़े (प्रतिबंध) से ज्यादा असरदार सार्वजनिक जागरूकता और स्वैच्छिक भागीदारी होगी, हालांकि बिना रोक-टोक पूरा दिन पटाखे जलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
इससे पहले 30 सितंबर को जस्टिस M.M. सुंदरेश की बेंच ने पूर्ण प्रतिबंध और पूरे दिन पटाखे जलाने — दोनों विकल्पों को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने संकेत दिया है कि अगली पीढ़ी के जॉइंट ग्रीन पटाखों (लड़ी/लड़ी) को शर्तों के साथ अनुमति मिल सकती है, बशर्ते शोर का स्तर तय सीमा में रहे और बैन किए गए केमिकल न हों।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) को बेरियम वाले पटाखों के पर्यावरणीय असर पर अपनी रिपोर्ट 15 अक्टूबर तक कोर्ट में रखनी है, जिसके बाद पटाखे जलाने का टाइम-विंडो और अनुमत श्रेणियां तय होंगी। गौरतलब है कि 2025 में कोर्ट ने दिल्ली-NCR में NEERI से मंजूर ग्रीन पटाखों की सीमित अवधि में बिक्री और उपयोग की अनुमति दी थी।
स्रोत: नेशनप्रेस, बार एंड बेंच, लॉबीट (अक्टूबर 2026)

