नई दिल्ली, 25 अक्टूबर: दीवाली में अब बस दो हफ्ते से भी कम का वक्त बचा है, और इस बीच देश के करोड़ों सरकारी कर्मचारियों के मन में एक ही सवाल है — बोनस कितना मिलेगा और कब मिलेगा। अब तक के सरकारी फैसलों से तस्वीर काफी हद तक साफ हो चुकी है। सबसे बड़ा बोनस रेलवे कर्मचारियों को मिला है, जबकि अन्य केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एडहॉक बोनस का आदेश भी जारी हो चुका है।
रेलवे के 11,40,770 गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को 78 दिन के वेतन के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) मंजूर किया गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी और रेलवे बोर्ड ने RBE No. 84/2026 के तहत आदेश जारी किया। अधिकतम बोनस 17,951 रुपये तय है और इस पर कुल 2,009.61 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, स्टेशन मास्टर, तकनीशियन और पॉइंट्समैन समेत ग्रुप सी के सभी पात्र कर्मी इसके दायरे में हैं, जबकि RPF और RPSF के जवान इससे बाहर रखे गए हैं।
जो केंद्रीय कर्मचारी किसी PLB योजना में नहीं आते, उनके लिए वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 15 अक्टूबर को 30 दिन का नॉन-PLB यानी एडहॉक बोनस मंजूर किया है। गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन सीमा 7,000 रुपये रखी गई है, जिससे अधिकतम राशि 6,908 रुपये बनती है। ग्रुप सी के पात्र कर्मचारी और गैर-राजपत्रित ग्रुप बी कर्मचारी इसका लाभ पा सकते हैं, बशर्ते उन्होंने 31 मार्च 2026 तक कम से कम 6 महीने की सेवा पूरी की हो।
राज्यों में भी बोनस की घोषणाएं हुई हैं — तमिलनाडु के PSU कर्मचारियों को 20 प्रतिशत और महाराष्ट्र के सहकारी बैंक कर्मचारियों को 14.25 प्रतिशत बोनस मिला है।
स्रोत: PIB कैबिनेट फैसला 14 अक्टूबर 2026, रेलवे बोर्ड RBE No. 84/2026 और वित्त मंत्रालय व्यय विभाग का कार्यालय ज्ञापन 15 अक्टूबर 2026

