नई दिल्ली, 26 अक्टूबर: देश के पूर्वोत्तर में नशे के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की खबर ने सोमवार को सबका ध्यान खींचा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 25 अक्टूबर को बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और अन्य एजेंसियों ने ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ के तहत असम, मिजोरम और मणिपुर में एक साथ 38 ठिकानों पर छापे मारे। रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई 23 अक्टूबर को हुई थी और इसमें 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गृह मंत्री के मुताबिक, इस ऑपरेशन में करीब 100 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन का पता चला है। जांच एजेंसियों ने 1,424 बैंक खाते फ्रीज किए हैं और 17.82 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं। इसके अलावा 500 डेटोनेटर और 12 लाख रुपये नकद भी बरामद होने की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्रवाई में NCB के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) और तीनों राज्यों की पुलिस भी शामिल थी, ताकि नेटवर्क के पैसे के रास्ते और जमीन पर फैले ठिकानों पर एक साथ शिकंजा कसा जा सके।
शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह नेटवर्क भारत, म्यांमार और बांग्लादेश की सीमाओं के पार नशे की तस्करी करता था, जिसे उन्होंने ‘डेथ ट्रायंगल कॉरिडोर’ कहा। उनके मुताबिक, यह कार्रवाई नशे के कारोबार के खिलाफ सरकार के अभियान का एक और बड़ा झटका है। सरकार का कहा गया लक्ष्य 31 दिसंबर 2029 तक देश से नशे के नेटवर्क को खत्म करना है, और इस ऑपरेशन को उसी दिशा में एक कदम बताया जा रहा है।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि पहले अक्सर कार्रवाई का मतलब सिर्फ नशीला पदार्थ पकड़ना समझा जाता था। इस बार जोर पैसे के नेटवर्क पर रहा है। हवाला जैसे गुप्त लेनदेन के रास्ते बंद होने से किसी नेटवर्क के लिए सामान मंगाना, लोगों को पैसा पहुंचाना और मुनाफा छिपाना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि बैंक खाते फ्रीज करना और संपत्ति अटैच करना जांच एजेंसियों के लिए अहम हथियार माना जाता है। हालांकि, यह साफ करना जरूरी है कि गिरफ्तार लोगों के खिलाफ आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत की प्रक्रिया से ही होगी, और जांच अभी आगे बढ़ रही है।
आम लोगों के लिए इसका सीधा संदेश यह है कि नशे से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर उसे नजरअंदाज न करें। NCB की ओर से नशे के खिलाफ हेल्पलाइन और शिकायत के रास्ते पहले से बताए जाते रहे हैं। अगर किसी इलाके में नशे की बिक्री या तस्करी की आशंका हो, तो स्थानीय पुलिस या संबंधित एजेंसी को सूचना देना सबसे सुरक्षित तरीका है। साथ ही, परिवारों के लिए यह भी जरूरी है कि बच्चों और युवाओं से इस बारे में खुलकर बात हो, ताकि वे ऐसे नेटवर्क के झांसे में न आएं।
आगे की जांच में यह देखा जाएगा कि फ्रीज किए गए खातों और अटैच की गई संपत्तियों का नेटवर्क से क्या संबंध था, और इस गिरोह के तार किन-किन जगहों तक फैले थे। रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसियां अब वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने पर काम कर रही हैं। इस मामले में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां या खुलासे हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल जो आंकड़े सामने आए हैं, उन्होंने ही इस ऑपरेशन को दिन की सबसे बड़ी खबरों में शामिल कर दिया है।
स्रोत: गृह मंत्री अमित शाह का सोशल मीडिया पोस्ट और NCB ऑपरेशन पर समाचार रिपोर्ट्स

