रायपुर, 28 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए त्योहार से पहले राहत भरी खबर आई है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (CSPTCL) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने पात्र कर्मचारियों को बोनस और अनुग्रह राशि देने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश के तहत पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 12,000 रुपये तक का लाभ मिलेगा, और जो कर्मचारी सामान्य नियमों के तहत बोनस के दायरे में नहीं आते, उनके लिए भी एकमुश्त अनुग्रह राशि का प्रावधान किया गया है।
आदेश के अनुसार बोनस की पात्रता बोनस भुगतान अधिनियम, 1965 और उसके बाद हुए संशोधनों के नियमों पर तय होगी। ऐसे कर्मचारी जिनकी मासिक कुल अर्जित उपलब्धियां, यानी मूल वेतन और महंगाई भत्ता मिलाकर, वित्त वर्ष 2025-26 में 21,000 रुपये तक हैं, वे बोनस के पात्र माने जाएंगे। इन कर्मचारियों को एक माह यानी 30 दिन की कुल अर्जित उपलब्धियों का 8.33 प्रतिशत बोनस दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 12,000 रुपये तय की गई है।
जो कर्मचारी वित्त वर्ष के दौरान पूरे साल नहीं, बल्कि कुछ महीनों के लिए ही नियोजित रहे हैं, उनके लिए भी नियम साफ रखा गया है। ऐसे कर्मचारियों को उनकी नियोजन अवधि के अनुपात में ही बोनस मिलेगा, यानी जितने महीने की सेवा होगी, उसी हिसाब से राशि तय होगी। इससे अस्थायी अवधि या बीच में सेवा में आए कर्मचारियों के साथ भी पारदर्शी व्यवहार होगा और किसी को पूरी अवधि का लाभ गलत तरीके से नहीं मिलेगा।
सबसे अहम बात यह है कि आदेश ने उन कर्मचारियों को भी नहीं छोड़ा है जिनकी मासिक आय 21,000 रुपये से अधिक है और जो सामान्य नियमों के तहत बोनस के पात्र नहीं हैं। कंपनी ने ऐसे कर्मचारियों को दक्षता बढ़ाने की अपेक्षा के साथ प्रोत्साहन स्वरूप एकमुश्त 12,000 रुपये की अनुग्रह राशि स्वीकृत की है। इस अनुग्रह राशि पर भी अनुपात का नियम लागू होगा, यानी आंशिक अवधि के लिए नियोजित कर्मचारियों को अवधि के अनुपात में ही राशि मिलेगी।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बोनस और अनुग्रह राशि के भुगतान के लिए अर्हता और नियोजन अवधि से जुड़े नियम बोनस संदाय अधिनियम, 1965 के तहत जारी परिपत्र क्रमांक 6351, दिनांक 9 अक्टूबर 2025 के अनुसार ही लागू होंगे। यह आदेश सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के बाद मुख्य अभियंता (मानव संसाधन), छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड, रायपुर की ओर से डिजिटल हस्ताक्षर के साथ जारी किया गया है।
इस आदेश का सीधा असर कंपनी के उन कर्मचारियों पर पड़ेगा जो बिजली पारेषण व्यवस्था को संभालते हैं और जिनकी मेहनत से प्रदेश में बिजली आपूर्ति चलती है। त्योहारों के मौसम में यह अतिरिक्त राशि घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई और बचत के काम आ सकती है। कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने वेतन पर्ची में मूल वेतन और महंगाई भत्ते का जोड़ जांचें, ताकि यह साफ हो सके कि वे बोनस की श्रेणी में आते हैं या अनुग्रह राशि की श्रेणी में।
स्रोत: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड का बोनस आदेश और 27 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट

