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केंद्रीय कर्मचारियों का इंतजार खत्म, महंगाई भत्ता बढ़कर 63% हुआ

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नई दिल्ली, 29 अक्टूबर: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 28 अक्टूबर को महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो गया है। बढ़ी हुई दर 1 जुलाई 2026 से लागू मानी जाएगी, इसलिए कर्मचारियों को जुलाई से अब तक का बकाया यानी एरियर भी मिलेगा।

इस बढ़ोतरी का फायदा देश के करीब 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनरों को मिलेगा। सरकार ने डीए और डीआर में बढ़ोतरी के लिए करीब 10,016 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया है। यह बढ़ोतरी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर तय फॉर्मूले के अनुसार की गई है। सरकार साल में दो बार, जनवरी और जुलाई की किस्तों में महंगाई भत्ते की समीक्षा करती है, और जुलाई 2026 की किस्त का ऐलान अब अक्टूबर के अंत में हुआ है।

अब सवाल यह है कि सैलरी में कितना फर्क पड़ेगा। महंगाई भत्ता मूल वेतन का प्रतिशत होता है, इसलिए हर कर्मचारी की बढ़ोतरी उसके बेसिक पे के हिसाब से अलग होगी। अगर किसी कर्मचारी का मूल वेतन 18,000 रुपये है तो उसे 60 प्रतिशत के हिसाब से 10,800 रुपये डीए मिल रहा था, जो अब 63 प्रतिशत पर 11,340 रुपये हो जाएगा यानी हर महीने 540 रुपये की बढ़ोतरी। इसी तरह 35,400 रुपये बेसिक वाले कर्मचारी का डीए 21,240 रुपये से बढ़कर 22,302 रुपये होगा, यानी 1,062 रुपये प्रतिमाह का फायदा। 50,000 रुपये बेसिक पर मासिक अंतर 1,500 रुपये बनता है।

एरियर को लेकर भी कर्मचारियों में खास उत्सुकता है। चूंकि बढ़ी हुई दर 1 जुलाई 2026 से लागू मानी गई है, इसलिए जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के महीनों का अंतर बकाया के रूप में मिलेगा। हालांकि एरियर की सटीक अवधि और भुगतान की तारीख व्यय विभाग के आदेश पर निर्भर करेगी, इसलिए अपने विभाग का आदेश देखना ही सही रहेगा।

पेंशनरों के लिए भी यह फैसला राहत भरा है। केंद्रीय पेंशनरों की महंगाई राहत (डीआर) में भी 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी मिली है। यानी मूल पेंशन पर डीआर की दर भी 60 से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगी। उदाहरण के लिए 20,000 रुपये मूल पेंशन वाले पेंशनर को अब तक 12,000 रुपये डीआर मिलता था, जो अब 12,600 रुपये हो जाएगा यानी हर महीने 600 रुपये ज्यादा। परिवार पेंशन पाने वालों पर भी यही दर लागू होगी।

छठे वेतन आयोग वालों का डीए 262 से बढ़कर 269 प्रतिशत और पांचवें वालों का 483 से बढ़कर 497 प्रतिशत किया गया है, जो 1 जुलाई 2026 से लागू होगा।

एक बात साफ रखनी जरूरी है कि यह डीए बढ़ोतरी आठवें वेतन आयोग का नया वेतनमान नहीं है। नियमित डीए संशोधन और नए वेतन आयोग के तहत मूल वेतन का निर्धारण दो अलग प्रक्रियाएं हैं। आठवें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशें और उनका लागू होना अलग विषय है। राज्य कर्मचारियों को यह दर अपने आप नहीं मिलेगी, उनके लिए राज्य सरकार का अलग आदेश जरूरी होगा।

स्रोत: केंद्रीय कैबिनेट का 28 अक्टूबर का फैसला, पीआईबी विज्ञप्ति और समाचार रिपोर्टें