नई दिल्ली, 29 अक्टूबर: केंद्रीय पेंशनरों के लिए इस हफ्ते दो बड़ी खबरें एक साथ आई हैं। पहली खबर राहत भरी है कि उनकी महंगाई राहत (डीआर) 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो गई है। दूसरी खबर एक जरूरी चेतावनी है कि पेंशन जारी रखने के लिए 1 से 30 नवंबर के बीच डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
केंद्रीय कैबिनेट ने 28 अक्टूबर को कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के साथ पेंशनरों की महंगाई राहत में भी 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से लागू मानी जाएगी। महंगाई राहत की गणना केवल मूल पेंशन पर होती है, इसलिए बढ़ोतरी भी मूल पेंशन का 3 प्रतिशत ही बनेगी। परिवार पेंशन पर भी यही दर लागू होगी, यानी पेंशनर की मृत्यु के बाद पति, पत्नी या आश्रित को मिलने वाली पेंशन पर भी बढ़ी हुई डीआर मिलेगी।
आंकड़ों से समझें तो फायदा साफ दिखता है। 10,000 रुपये मूल पेंशन वाले पेंशनर की डीआर 6,000 रुपये से बढ़कर 6,300 रुपये हो जाएगी, यानी हर महीने 300 रुपये ज्यादा। 20,000 रुपये मूल पेंशन पर डीआर 12,000 से बढ़कर 12,600 रुपये होगा, यानी 600 रुपये प्रतिमाह और साल में 7,200 रुपये का अतिरिक्त लाभ। 30,000 रुपये मूल पेंशन पर मासिक अंतर 900 रुपये और 50,000 रुपये मूल पेंशन पर 1,500 रुपये बनेगा। यह गणना समझाने के लिए है, वास्तविक भुगतान पेंशन संबंधी लागू निर्देशों के अनुसार होगा।
अब दूसरी और ज्यादा जरूरी खबर की ओर आते हैं। पेंशनरों को 30 नवंबर 2026 तक जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होगा, वरना दिसंबर से पेंशन रुक सकती है। पंजाब सरकार ने पेंशनभोगियों की सुविधा के लिए इस बार केवल ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र स्वीकार करने की अपील की है। जिला कोषाधिकारी के अनुसार पेंशनभोगी 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक अपने नजदीकी जिला कोष कार्यालय या उप कोष कार्यालय, बैंक शाखा, सेवा केंद्र या जीवन प्रमाण ऐप के माध्यम से स्वयं आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन करने के बाद पेंशनभोगी को तुरंत फोन पर प्रमाण पत्र प्राप्त हो जाता है। प्रमाण पत्र जमा करते समय पेंशन पुस्तिका, खाता संख्या, आधार कार्ड और फोन साथ ले जाना न भूलें। डिजिटल प्रमाण पत्र की सुविधा यह है कि प्रक्रिया घर से भी पूरी हो सकती है, इसलिए आखिरी दिनों का इंतजार करने के बजाय नवंबर के पहले हफ्ते में ही यह काम निपटा लेना बेहतर रहेगा।
ध्यान रहे कि कैबिनेट की मंजूरी और बैंक का अमल दो अलग चरण हैं, इसलिए बढ़ी हुई डीआर किस महीने से खाते में दिखेगी, यह पेंशन भुगतान प्राधिकारी के निर्देश से स्पष्ट होगा। पेंशन स्लिप में डीआर की दर जरूर जांचें।
राज्य सरकार के पेंशनरों के लिए भी एक सावधानी जरूरी है। केंद्रीय डीआर बढ़ोतरी से राज्य के पेंशनरों की दर अपने आप नहीं बदलती। उनके लिए संबंधित राज्य सरकार का अलग आदेश देखना होगा। जीवन प्रमाण पत्र की प्रक्रिया राज्य के नियमों से थोड़ी अलग हो सकती है, इसलिए अपने राज्य के कोष विभाग की सूचना देखें। कुल मिलाकर नवंबर पेंशनरों के लिए दोहरा महीना है, बढ़ी हुई राहत का भी और जीवन प्रमाण पत्र की आखिरी तारीख का भी। दोनों में से किसी को हल्के में न लें।
स्रोत: केंद्रीय कैबिनेट का 28 अक्टूबर का फैसला, पीआईबी विज्ञप्ति और जिला कोष विभाग की सूचना

