नई दिल्ली, 4 नवंबर 2026: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने सुबह मजबूती से शुरुआत की, लेकिन दोपहर होते-होते मुनाफावसूली ने रुख पलट दिया। सुबह के कारोबार में Sensex 77,301.59 तक पहुंच गया था, जो 383.74 अंक यानी 0.50 प्रतिशत की बढ़त थी। इसी दौरान Nifty 50 भी 23,921.20 पर पहुंचा, जो 110.35 अंक ऊपर था। मंगलवार को बाजार ने जोरदार बढ़त दर्ज की थी, इसलिए कई निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया।
दोपहर तक बाजार का हाल क्या रहा?
- दोपहर 12 बजे तक Sensex अपने दिन के उच्च स्तर से 636 अंक से ज्यादा नीचे आकर 76,759.84 पर पहुंच गया था।
- Nifty भी अपने दिन के शिखर से 176 अंक नीचे उतरकर 23,770.20 पर आ गया था।
- मंगलवार को Sensex 1,225.07 अंक चढ़कर 76,917.85 पर और Nifty 370.05 अंक चढ़कर 23,810.85 पर बंद हुआ था।
- इस तरह दो दिनों की तेज बढ़त के बाद बाजार में ठहराव और मुनाफावसूली स्वाभाविक मानी जा रही है।
तेजी को सहारा किसने दिया?
बाजार की शुरुआती मजबूती के पीछे कई कारण एक साथ आए। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने मंगलवार को भारतीय शेयरों में शुद्ध रूप से लगभग 6,837 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। यह लगातार खरीदारी का संकेत था। कच्चे तेल की नरमी ने भी राहत दी, क्योंकि सस्ता क्रूड भारत के आयात बिल और महंगाई के दबाव को कम करता है। शुरुआती कारोबार में Brent क्रूड 102.71 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था। इसके साथ ही सितंबर तिमाही के मजबूत नतीजों ने चुनिंदा कंपनियों में खरीदारी बढ़ाई।
कौन से शेयर चढ़े और कौन गिरे?
- दोपहर के कारोबार में Adani Enterprises, BEL, Max Healthcare, ITC और Adani Ports सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयरों में थे।
- दूसरी ओर TCS, Infosys, BSE, HCL Tech और Eternal पर दबाव दिखा, यानी सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों ने बाजार को नीचे खींचा।
- बैंकिंग और एफएमसीजी शेयरों में अपेक्षाकृत मजबूती रही, जिससे गिरावट कुछ हद तक थमी।
- बाजार का अस्थिरता सूचकांक India VIX भी बढ़कर 16.06 पर पहुंचा, जो सतर्कता का संकेत है।
रुपये और वैश्विक संकेतों का क्या असर पड़ा?
शुरुआती कारोबार में रुपया 14 पैसे मजबूत होकर 94.61 प्रति डॉलर पर पहुंचा। स्थिर तेल, कमजोर डॉलर और मजबूत बाजार ने रुपये को सहारा दिया। हालांकि वैश्विक संकेत मिले-जुले रहे। एशियाई बाजारों में जापान का Nikkei और दक्षिण कोरिया का Kospi गिरे, जबकि निवेशक अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के नतीजों का इंतजार कर रहे थे। यही वजह है कि घरेलू बाजार में भी निवेशक हर खबर पर सतर्क रुख अपना रहे हैं।
आम निवेशक के लिए इसका मतलब क्या है?
विशेषज्ञों की सामान्य सलाह यही है कि एक दिन की उठापटक को लंबी अवधि की रणनीति न समझा जाए। बाजार ने चार सत्रों में लगभग 5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की थी, इसलिए ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली असामान्य नहीं है। निवेश से पहले कंपनी के नतीजे, मूल्यांकन और अपनी जोखिम क्षमता को देखना जरूरी है। बाजार की दिशा आने वाले दिनों में वैश्विक चुनावी नतीजों, कच्चे तेल और विदेशी निवेश के रुख पर निर्भर करेगी।
स्रोत: The Hindu BusinessLine, HDFC Sky

