कमिश्नर ने 2 करोड़ से अधिक के निर्माण कार्यों का किया शिलान्यास

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अमरोहा | प्रशासनिक डेस्क (27 फरवरी 2026) मुरादाबाद मण्डल के आयुक्त (कमिश्नर)  आञ्जनेय कुमार सिंह ने शुक्रवार को अमरोहा कलेक्ट्रेट स्थित विभिन्न कार्यालयों और पटलों का सघन वार्षिक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी  निधि गुप्ता वत्स की उपस्थिति में हुए इस औचक निरीक्षण से पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मचा रहा। कमिश्नर ने जहां एक ओर करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी, वहीं पत्रावलियों (फाइलों) के उचित रखरखाव न होने पर कुछ कर्मचारियों को कड़ी फटकार भी लगाई।

करोड़ों के कार्यों का शिलान्यास एवं उद्घाटन

निरीक्षण की शुरुआत में मण्डलायुक्त ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और कलेक्ट्रेट परिसर में पौधरोपण किया। इसके बाद उन्होंने जनपद को कई महत्वपूर्ण सौगातें दीं:

  • न्यायिक कार्यालयों का शिलान्यास: 2.10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) एवं उप जिलाधिकारी (न्यायिक) कार्यालय और न्यायालय के निर्माण कार्यों की विधिवत पूजा-अर्चना कर नींव रखी।
  • ‘शक्ति रसोई’ का उद्घाटन: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत 8 लाख रुपये की लागत से निर्मित ‘शक्ति रसोई’ का फीता काटकर उद्घाटन किया।
  • कलेक्ट्रेट डोम सुधार: कलेक्ट्रेट कार्यालय के अंतर्गत 11.66 लाख रुपये से होने वाले डोम के सुधार कार्यों का भी शिलान्यास किया गया।

फाइलों की दुर्दशा देख भड़के कमिश्नर, अधिकारियों को दी चेतावनी

मण्डलायुक्त ने कलेक्ट्रेट के लगभग सभी प्रमुख पटलों— खनन, रिकॉर्ड रूम, संग्रह अनुभाग, शस्त्र अनुभाग, आपदा कार्यालय, ईआरके (ERK) और राजस्व लेखाकार कार्यालय का बारीकी से निरीक्षण किया।

  • पटल सहायकों को फटकार: परिवाद सहायक अनिल कुमार और भूमि व्यवस्था सहायक मदन मोहन द्वारा फाइलों का उचित रखरखाव न करने और अपने ही पटल के कार्यों की जानकारी न होने पर कमिश्नर ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल सभी पत्रावलियों की ‘अपडेट रिपोर्ट’ बनाने के सख्त निर्देश दिए।
  • खनन माफियाओं पर नकेल: खनन अधिकारी को निर्देश दिए गए कि बार-बार अवैध परिवहन करने वालों को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई करें। अवैध खनन के नोटिस रजिस्टर का रखरखाव ठीक न मिलने पर भी उन्होंने नाराजगी व्यक्त की।
  • राजस्व अभिलेखों का डिजिटाइजेशन: राजस्व अभिलेखागार (Record Room) के निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने पुराने और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए उनके डिजिटाइजेशन (Digitization) और नवीन तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया।

निकायों को ‘आमदनी’ बढ़ाने के निर्देश

स्थानीय निकाय सहायक पटल के निरीक्षण में मण्डलायुक्त ने राज्य वित्त आयोग के व्यय की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निकाय केवल सरकारी फंड पर निर्भर न रहें, बल्कि अपने स्वयं के स्रोतों (OSR – Own Source Revenue) से आमदनी बढ़ाने के लिए नई रणनीति (Strategy) तैयार करें।

निरीक्षण में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति

इस मैराथन निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्रीमती निधि गुप्ता वत्स के साथ-साथ अपर आयुक्त प्रशासन अरूण कुमार सिंह, संयुक्त विकास आयुक्त श्री गजेंद्र प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्रीमती गरिमा सिंह, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक)  धीरेन्द्र प्रताप सिंह और जनपद के सभी उपजिलाधिकारी (SDMs) व संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।