मयंक त्रिगुण, ब्यूरो चीफ
ठाकुरद्वारा के दलपतपुर गांव की रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात; मासूम मोक्ष की गर्दन और कान पर गहरे घाव, अस्पताल में हालत गंभीर
मुरादाबाद | क्राइम एवं सिटी डेस्क उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ आदमखोर हो चुके एक तेंदुए ने दुस्साहस दिखाते हुए घर से एक 5 साल के मासूम बच्चे को उठा लिया। तेंदुआ बच्चे को अपने जबड़े में दबोच कर ले ही जा रहा था कि माता-पिता ने अपनी जान की परवाह किए बिना खूंखार जानवर से सीधा मुकाबला किया और मौत के मुंह से अपने जिगर के टुकड़े को वापस छीन लाए। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी दहशत का माहौल है।
कैसे हुआ यह रोंगटे खड़े कर देने वाला हमला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी खौफनाक वारदात ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दलपतपुर गांव की है।
- अचानक किया झपट्टा: गांव में रहने वाला 5 वर्षीय मासूम मोक्ष अपने घर के पास ही मौजूद था, तभी घात लगाए बैठे एक तेंदुए ने अचानक उस पर जानलेवा झपट्टा मार दिया।
- जबड़े में दबाकर भागने लगा तेंदुआ: तेंदुआ इतना आक्रामक था कि उसने पलक झपकते ही मासूम मोक्ष को अपने जबड़े में दबोच लिया और उसे लेकर जंगल की तरफ भागने की कोशिश करने लगा।
मां-बाप की अदम्य हिम्मत से बची जान
बच्चे की चीख-पुकार सुनकर माता-पिता तुरंत मौके की तरफ दौड़े। अपने मासूम बेटे को खूंखार तेंदुए के जबड़े में तड़पता देख उनके होश उड़ गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
- माता-पिता ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए निहत्थे ही तेंदुए पर धावा बोल दिया और उससे भिड़ गए।
- भारी शोर-शराबे, चीख-पुकार और माता-पिता के कड़े संघर्ष को देखकर तेंदुआ घबरा गया और आखिरकार मासूम को लहूलुहान हालत में छोड़कर जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ।
अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा मोक्ष
तेंदुए के इस जानलेवा हमले में 5 साल का मोक्ष गंभीर रूप से घायल हो गया है।
- गर्दन और कान पर गहरे घाव: तेंदुए के नुकीले दांतों और पंजों के कारण बच्चे के कान और गर्दन के हिस्से पर बेहद गहरे घाव आए हैं।
- इलाज जारी: खून से लथपथ और गंभीर हालत में परिजन तुरंत बच्चे को लेकर नजदीकी अस्पताल पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों की सघन निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।
गांव वालों में दहशत, वन विभाग से गुहार
इस घटना के बाद से दलपतपुर और आसपास के तमाम गांवों में दहशत का माहौल है। लोग अपने घरों से निकलने और बच्चों को बाहर भेजने में डर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग (Forest Department) से तत्काल इस तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की गुहार लगाई है।