पटना: राजधानी पटना में इन दिनों रसोई गैस (LPG) को लेकर मची मारामारी का असर अब अपराध के तरीकों पर भी दिखने लगा है। एलपीजी की किल्लत और लंबी लाइनों से आम आदमी ही नहीं, बल्कि चोरों के गिरोह भी परेशान नजर आ रहे हैं। खाना बनाने की इसी मजबूरी के चलते अब चोरों ने कीमती सामान की बजाय सीधे भरे हुए डोमेस्टिक गैस सिलेंडर की चोरी करना शुरू कर दिया है। पटना से एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आया है, जिसमें दिनदहाड़े एक भरा हुआ गैस सिलेंडर चोरी करते हुए चोर कैद हुए हैं।
15 दिन बाद खुला चोरी का राज
यह अजीबोगरीब घटना पटना के मेहंदीगंज थाना क्षेत्र स्थित गुरु गोविंद सिंह लिंक पथ के पास की है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता पेशे से एक एडवोकेट (वकील) हैं। उनके घर में यह चोरी 19 मार्च 2026 की सुबह लगभग 9:50 बजे हुई थी, जब चोरों का एक गिरोह घर में घुसा और एक भरा हुआ गैस सिलेंडर लेकर रफूचक्कर हो गया।
हैरानी की बात यह है कि मकान मालकिन को इस चोरी की भनक पूरे 15 दिन बाद 3 अप्रैल 2026 को लगी। दरअसल, जब घर में इस्तेमाल हो रहा गैस सिलेंडर खत्म हो गया और उन्होंने खाना बनाने के लिए दूसरा (भरा हुआ) सिलेंडर खोजना शुरू किया, तो वह अपनी जगह से गायब था। जब उन्होंने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तब जाकर चोरों की इस करतूत का पर्दाफाश हुआ। फुटेज सामने आने के बाद इलाके के लोग भी सतर्क हो गए हैं।
एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें, ‘पैनिक बुकिंग’ का दौर
यह गैस सिलेंडर चोरी ऐसे समय में हुई है, जब पटना सहित राज्य के कई हिस्सों में गैस एजेंसियों के सामने उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं। अफवाहों और डर के कारण लोग ‘पैनिक बुकिंग’ (Panic Booking) कर रहे हैं, जिससे आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।
मुख्य सचिव का एक्शन: ‘घबराएं नहीं, गैस पर्याप्त है’
गैस आपूर्ति को लेकर पैदा हुए इस भ्रम और अफरा-तफरी के बीच बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने गुरुवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी जिलों के प्रभारी सचिवों और प्रमंडलीय आयुक्तों के साथ एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की स्थिति का जायजा लिया।
- मिशन मोड में काम: मुख्य सचिव ने तेल कंपनियों को ‘मिशन मोड’ में कार्य कर आपूर्ति सुचारू करने का सख्त निर्देश दिया है।
- अपील: अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी जिलों में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। आपूर्ति में जो थोड़ी देरी हो रही है, वह ‘पैनिक बुकिंग’ के कारण है। उन्होंने उपभोक्ताओं से न घबराने और जरूरत के हिसाब से ही बुकिंग करने की अपील की है।