मयंक त्रिगुण, ब्यूरो चीफ
सब-हेडलाइन: बिलारी थाना क्षेत्र के फुलवार वाली मस्जिद के पास की घटना। बच्ची की चीख सुनकर दौड़े स्थानीय लोगों ने बचाई जान। आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक पर नगर निगम और प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल।
मुरादाबाद/बिलारी: मुरादाबाद जनपद के बिलारी थाना क्षेत्र से एक बेहद डरावनी और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां सड़क से गुजर रही एक मासूम बच्ची पर आवारा कुत्तों के झुंड ने जानलेवा हमला करने की कोशिश की। यह पूरी खौफनाक वारदात पास लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
100 मीटर तक बच्ची के पीछे दौड़े खूंखार कुत्ते
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना बुधवार को बिलारी थाना क्षेत्र की फुलवार वाली मस्जिद के पास घटी। वायरल हो रहे वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है:
- एक छोटी बच्ची शांति से सड़क से गुजर रही थी, तभी अचानक तीन आवारा और खूंखार कुत्ते भौंकते हुए उसके पीछे दौड़ पड़ते हैं।
- कुत्तों का आक्रामक रवैया देखकर बच्ची बुरी तरह घबरा जाती है और अपनी जान बचाने के लिए बेतहाशा सड़क पर दौड़ने लगती है।
- कुत्तों ने बच्ची को करीब 100 मीटर तक लगातार दौड़ाया, जिससे उसकी जान पर बन आई।
लोगों की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा
कुत्तों के हमले से घबराई बच्ची की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत हरकत में आ गए। स्थानीय लोग डंडे और ईंट-पत्थर लेकर मौके की तरफ दौड़े और कुत्तों को खदेड़कर बच्ची को सुरक्षित बचा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर लोगों के पहुंचने में चंद सेकंड की भी देरी हो जाती, तो कुत्ते बच्ची को गंभीर रूप से नोच डालते और यह एक बड़े व दुखद हादसे में बदल सकता था।
नगर निगम और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर मुरादाबाद नगर निगम और जिला प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है।
- अस्पतालों में बढ़ रहे मामले: जिले में आवारा कुत्तों का खतरा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। जिला चिकित्सालय में रोजाना ‘डॉग बाइट’ (कुत्ते के काटने) के बड़ी संख्या में मामले पहुंच रहे हैं। बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर लगातार इनके हमलों का शिकार हो रहे हैं।
- शिकायतों की अनदेखी: स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद आवारा कुत्तों की इस गंभीर समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
लोगों में भारी आक्रोश, अभियान चलाने की मांग
वारदात के बाद क्षेत्र के लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों ने कड़ी मांग की है कि मासूमों की जान बचाने के लिए शहर में आवारा कुत्तों को पकड़ने का विशेष अभियान चलाया जाए। सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन किसी मासूम की जान जाने या किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? फिलहाल, सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद से पूरे शहर के अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरा डर बैठ गया है।