सब-हेडलाइन: 166 दिनों तक चले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जारी किए आंकड़े। प्रयागराज, लखनऊ और बरेली में बढ़े सबसे ज्यादा मतदाता; जानिए महिला, पुरुष और युवाओं के सटीक आंकड़े।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 166 दिनों तक चली विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। इस लंबी और गहन छंटनी प्रक्रिया के बाद प्रदेश में मतदाताओं की संख्या में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर अंतिम मतदाता सूची के विस्तृत आंकड़े मीडिया के सामने पेश किए।
यूपी में अब कुल कितने मतदाता? (एक नजर में आंकड़े)
अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अब कुल 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 (13.39 करोड़) मतदाता हैं।
- पुरुष मतदाता: 7 करोड़ 30 लाख 71 हजार 061 (कुल मतदाताओं का 54.54%)
- महिला मतदाता: 6 करोड़ 09 लाख 09 हजार 525 (कुल मतदाताओं का 45.46%)
- थर्ड जेंडर (तृतीय लिंग): 4,206
- युवा मतदाता (18 से 19 आयुवर्ग): 17 लाख 63 हजार 360
बड़ा उलटफेर: 2.05 करोड़ वोटर घटे, फर्जी नामों की हुई छंटनी
इस बार की मतदाता सूची की सबसे बड़ी बात यह है कि एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के बाद प्रदेश में करीब 2.05 करोड़ मतदाता कम हो गए हैं।
- गौरतलब है कि 27 अक्टूबर 2025 को फ्रीज की गई मतदाता सूची में प्रदेश में 15.44 करोड़ मतदाता थे, जो अब घटकर 13.39 करोड़ रह गए हैं।
- हालांकि, 6 जनवरी को जारी की गई 12.55 करोड़ की मसौदा (ड्राफ्ट) सूची के मुकाबले अंतिम सूची में 84 लाख 28 हजार 767 नए मतदाताओं की वृद्धि भी हुई है।
- जिन लोगों के नाम अभी भी छूट गए हैं, वे फॉर्म-6 भरकर सूची में शामिल हो सकते हैं।
इन 5 जिलों में बढ़े सबसे ज्यादा मतदाता
नई सूची के अनुसार प्रदेश के इन पांच प्रमुख जिलों में मतदाताओं की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है:
- प्रयागराज: 3,29,421 मतदाता बढ़े
- लखनऊ: 2,85,961 मतदाता बढ़े
- बरेली: 2,57,920 मतदाता बढ़े
- गाजियाबाद: 2,43,666 मतदाता बढ़े
- जौनपुर: 2,37,590 मतदाता बढ़े
कैसे तैयार हुई यह अंतिम सूची?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 6 जनवरी को जारी ड्राफ्ट सूची पर 6 मार्च तक दावे और आपत्तियां मांगी गई थीं।
- नाम जुड़वाने के लिए 86.69 लाख लोगों ने फॉर्म-6 भरा, जबकि नाम कटवाने के लिए 3.18 लाख लोगों ने फॉर्म-7 भरा।
- मतदाता सूची में 1.04 करोड़ लोग ऐसे थे जिनके नाम का मिलान उनके माता-पिता या दादा-दादी से न होने के कारण उन्हें नोटिस जारी किया गया था। वहीं, 2.22 करोड़ नामों में तार्किक विसंगतियां पाई गई थीं, जिन्हें दुरुस्त कर यह अंतिम सूची तैयार की गई है।