Guru Gochar 2026 : गुरु ग्रह को ज्योतिष में शुभ ग्रह की संज्ञा दी गई है। गुरु बुद्धि, विवेक के साथ ही व्यक्ति को सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य देने वाला ग्रह भी है। 2 जून 2026 को गुरु ग्रह मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में गोचर कर जाएंगे। कर्क गुरु की उच्च राशि है इसलिए कर्क में गोचर करते ही गुरु की शक्ति बढ़ेगी। ऐसे में मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों के लिए गुरु का गोचर कैसा रहेगा इसके बारे में आज हम आपको जानकारी देंगे।
मेष राशि
आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गुरु का गोचर होगा जिसे सुख और माता का कारक माना जाता है। इसके साथ ही वाहन आदि का कारक भी यही भाव है। गुरु के आपके चतुर्थ भाव में होने से माता के साथ संबंधों में सुधार होगा। इसके साथ ही पारिवारिक माहौल भी सुखमय रहेगा। कुछ लोग वाहन खरीद सकते हैं। इस दौरान आपकी दबी हुई इच्छाएं पूरी होंगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
वृषभ राशि
आपके पराक्रम भाव यानि की तीसरे भाव में गुरु ग्रह गोचर करेंगे। तृतीय भाव में गुरु के होने से आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। जो लोग रचनात्मक कार्य करते हैं उनको सफलता मिलने के योग हैं। आपकी रुकी हुई योजनाएं फिर से शुरू हो सकती हैं। पैतृक संपत्ति से लाभ मिल सकता है। छोटे भाई-बहनों के साथ अच्छा समय आप बिता सकते हैं। करियर के क्षेत्र में भी अच्छे बदलाव आएंगे। कुछ लोगों को पुराने संपर्कों के जरिए अच्छी नौकरी मिल सकती है।
मिथुन राशि
गुरु आपकी राशि से द्वितीय भाव में प्रवेश करेंगे। यह भाव कुटुंब, धन और वाणी का कारक माना जाता है। गुरु का यह गोचर आपके लिए बेहद खास रह सकता है। आपकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी और संचित धन में भी वृद्धि होगी। व्यापार में वृद्धि होगी। इस राशि के जातक अपनी मीठी वाणी से लोगों का दिल जीत सकते हैं। घर-परिवार में मांगलिक कार्य होने की संभावना है। गायन, लेखन, अभिनय के क्षेत्र में इस राशि के जातक उपलब्धियां पा सकते हैं।
कर्क राशि
गुरु का गोचर आपकी ही राशि में होगा यानि आपके लग्न भाव में। गुरु के इस गोचर के चलते मानसिक रूप से अच्छे बदलाव आपमें देखने को मिल सकते हैं। तनाव से आपको मुक्ति मिलेगी। इस राशि के जातकों को करियर के क्षेत्र में उन्नति मिल सकती है। पारिवारिक जीवन में भी मधुरता आएगी। आप मानसिक रूप से सशक्त होंगे और सही समय पर सही निर्णय ले पाएंगे। विवाह के योग बनेंगे।
सिंह राशि
गुरु ग्रह का गोचर आपकी राशि से द्वादश भा में होगा। गुरु के राशि बदलने से आपको विदेशी कारोबार में लाभ हो सकता है। अगर आध्यात्मिक क्षेत्र में अग्रसर हैं तो अच्छे अनुभव आपको प्राप्त हो सकते हैं। विरोधी परास्त होंगे। इस राशि के जातकों के हानि भाव में गुरु का गोचर होगा इसलिए धन का लेन-देन करते समय इनको सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी।
कन्या राशि
गुरु का गोचर आपके लिए बेहद शुभ साबित हो सकता है क्योंकि गुरु आपके एकादश भाव में गोचर करेंगे जिसे लाभ का भाव भी कहा जाता है। आपके पास धन प्राप्ति के कई स्रोत होंगे वहीं संचित धन भी बढ़ेगा। इस राशि के कुछ जातकों को मनचाही जगह पर नौकरी मिल सकती है। प्रभावशाली लोगों से आपकी मुलाकात होगी और साथ ही समाज में मान-सम्मान भी बढ़ेगा। नौकरी में बदलाव भी संभव है।
तुला राशि
गुरु ग्रह का गोचर आपके कर्म भाव में होगा। इस भाव में गुरु की स्थिति आपको सक्रिय और ऊर्जावान बनाएगी। करियर के क्षेत्र में आशातीत परिणाम आपको मिल सकते हैं। इस राशि के कुछ जातकों को पदोन्नति मिलने के योग हैं। वहीं कारोबारियों का कारोबार भी बढ़ेगा। आपके काम की तारीफ कार्यक्षेत्र में हो सकती है। जीवनसाथी का आपको सहयोग मिल सकता है।
वृश्चिक राशि
गुरु ग्रह धर्म के कारक ग्रह हैं और कर्क राशि में गोचर के दौरान आपके धर्म भाव में ही ये स्थिति होंगे। गुरु की स्थिति के चलते धार्मिक भावनाओं से आप ओतप्रोत रहेंगे। इसके साथ ही किस्मत का भी आपको साथ मिलेगा। आपके रुके हुए काम बन सकते हैं। अचानक से धन लाभ कुछ लोगों को हो सकता है। उच्च शिक्षा अर्जित करने वाले लोगों को बड़ी उपलब्धि मिलने के योग हैं। कुछ लोग धार्मिक यात्राओं पर जा सकते हैं।
धनु राशि
गुरु ग्रह आपके राशि से आठवें भाव में गोचर करेंगे। आठवां भाव अनिश्चितता, रहस्य और आयु का कारक माना जाता है। गुरु के गोचर के चलते रिसर्च कार्य करने वाले इस राशि के जातकों को जबरदस्त परिणाम प्राप्त हो सकते है। कुछ लोग गुप्त विद्या सीख सकते हैं। इसके साथ ही अचानक से धन लाभ के भी योग बेनेंगे। हालांकि सेहत को लेकर आपको सतर्क रहना होगा। गुरु आपकी ही राशि के स्वामी हैं इसलिए उच्च स्थिति में रहकर आपको कोई अच्छा अनुभव भी दे सकते हैं।
मकर राशि
आपके साझेदारी और विवाह के सप्तम भाव में गुरु ग्रह का गोचर होगा। इस गोचर के चलते आपको वैवाहिक जीवन में सुखद फल प्राप्त होंगे। वहीं जो लोग विवाह योग्य हैं उनको जीवनसाथी मिल सकता है। साझेदारी के कारोबार में हैं उनको लाभ की प्राप्ति हो सकती है। सामाजिक स्तर पर आपकी छवि बेहतर होगी। कुछ लोग लव पार्टनर से शादी की बात घर पर बता सकते हैं, सकारात्मक जवाब मिलने की पूरी संभावना है।
कुंभ राशि
आपके छठे भाव में गुरु ग्रह का गोचर होगा। यह भाव रोग, ऋण और शत्रु का कारक माना जाता है। इसलिए गुरु के इस गोचर के दौरान आपको सतर्कता बरतनी होगी। कर्ज लेने से इस दौरान बचें। नौकरीपेशा से जुड़े लोगों को हर कार्य सावधानीपूर्वक करना होगा। सेहत को लेकर लापरवाही बरतने से भी बचें। छोटी-मोटी समस्याओं को लेकर भी आपको चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। हालांकि आपके प्रयास आपको आर्थिक लाभ दिला सकते हैं।
मीन राशि
गुरु ग्रह का गोचर आपकी राशि से पांचवें भाव में होगा। यह भाव संतान, प्रेम और शिक्षा का कारक है। शुभ ग्रह गुरु का पंचम भाव में होने इस राशि के विद्यार्थियों की एकाग्रता को बढ़ाएगा। शिक्षा क्षेत्र में आपको बेहद सुखद परिणाम मिल सकते हैं। इसके साथ ही प्रेम संबंधों में भी निखार आएगा, प्रेम विवाह होने की भी संभावना है। कुछ लोगों को संतान पक्ष से खुशखबरी मिल सकती है।